आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
आगामी पंचायती राज चुनावों में हिमाचल प्रदेश में बैलेट बॉक्स की पहचान के लिए क्यूआर कोड लगेंगे। इसकी घोषणा बिलासपुर में आयोजित एक बैठक में राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने की। उन्होंने कहा कि पहली बार पंचायत चुनावों में बैलेट बॉक्स की पहचान के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल होगा। खाची बिलासपुर में राज्य चुनाव आयुक्त ने एसडीएम, बीडीओ, पंचायत निरीक्षक के साथ चुनाव की तैयारी को लेकर बैठक कर रहे थे। राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने बिलासपुर में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनावों की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक, एडीसी डॉक्टर निधि पटेल और जिला पंचायत अधिकारी तिलक राज,जिले के सभी एसडीएम, बीडीओ, पंचायत निरीक्षक और शहरी निकाय अधिकारियों ने भाग लिया। चुनाव आयुक्त ने सभी अधिकारियों को निष्पक्ष और कुशल चुनाव संचालन के लिए समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने आगामी चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो और मतदाताओं को शांतिपूर्ण माहौल में मतदान का अवसर दिया जाए। चुनाव आयुक्त ने अधिकारियों से सभी तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदान केंद्रों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने, चुनाव में लगे कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और मतदाता जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके अतिरिक्त, चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, पंचायतों में ग्राम सभा के माध्यम से वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए प्रचार करने के निर्देश दिए। कहा कि आगामी चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और कुशल तरीके से संपन्न होंगे।
पोलिंग स्टेशनों का निरीक्षण और प्रबंधन
चुनाव आयुक्त ने पोलिंग स्टेशनों का निरीक्षण सुनिश्चित करने और वहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पोलिंग स्टेशन ग्राउंड फ्लोर पर हों, जिससे मतदाताओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, एक विशेष कमेटी के माध्यम से पोलिंग स्टेशनों का निरीक्षण किया जाएगा।
डिजिटल प्रबंधन और मीडिया सेल की स्थापना
चुनाव प्रक्रिया के डेटा प्रबंधन और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए नामांकन से लेकर परिणाम तक की सभी जानकारी राज्य चुनाव आयोग के पोर्टल पर ऑनलाइन की जाएगी। इसके साथ ही, मीडिया गतिविधियों को नियंत्रित करने और सूचना के सही प्रसार के लिए जिला स्तर पर एक मीडिया सेल की स्थापना की जाएगी।


