जुलाई 2023 में भारी बरसात में क्षतिग्रस्त हुए थे पिल्लर
आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला
नालागढ़ के तहत हिमाचल को पंजाब से जोडऩे वाले दभोटा पुल की पंजाब सरकार ने ड़ेढ साल बाद सुध ली है। आठ जुलाई-2023 में भारी बरसात में क्षतिग्रस्त हुए दभोटा पुल के दो पिल्लरों के नवनिर्माण की शुरुआत बुधवार को पंजाब सरकार के लोक निर्माण विभाग ने कर दी है। यह पुल हिमाचल और पंजाब सरकार ने संयुक्त रूप से वर्ष-1999 में बनाया गया था। अब टूटने पर भी इसकी रिपेयर दोनों राज्यों की सरकारों के सहयोग से की जा रही है। पुल पंजाब की हद में होने के चलते इसके निर्माण का कार्य पंजाब सरकार द्वारा करवाया जा रहा है। इस पर करीब तीन करोड़ का खर्च आएगा, हिमाचल और पंजाब दोनों सरकारें निर्माण लागत वहन कर रही है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद से पंजाब और हिमाचल को जोडऩे वाले इस पुल इस पुल पर से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी, जिस कारण उद्योगपतियों, नौकरी पेशा लोगों और स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इस पुल की मरम्मत को लेकर नालागढ़ के जनप्रतिनिधियों, औद्योगिक संगठनों सहित दभोटा और भरतगढ़ पंचायत के ग्रामीणों ने भी खूब आवाज बुलंद की थी और बाकायदा पुल पर धरना दिया था। इसके बाद पंजाब और हिमाचल सरकार की नींद खुली थी। पंजाब सरकार के अधिकारियों ने बुधवार को मौके पर आकर पुल के काम के शुरुआत की वहीं हिमाचल सरकार की ओर से नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा उपस्थित रहे। इस पुल का निर्माण तीन करोड़ रुपए की राशि से हो रहा है, जिसमें हिमाचल और पंजाब ने डेढ़-डेढ़ करोड़ की राशि जारी की है क्योंकि यह पुल पंजाब व हिमाचल के हिस्से में पड़ता है। (एचडएम)
पुल का 41.7 मीटर हिस्सा हुआ है डैमेज
विधायक हरदीप बावा ने बताया कि पुल के रिपेयर पर दो करोड़ 91 लाख 94 हजार रुपए खर्च आएगा। पुल की कुल लंबाई 146 मीटर है। लेकिन 41.7 मीटर हिस्सा डैमेज हो गया है। 17.5 मीटर हिस्सा पंजाब और 24.1 मीटर हिस्सा हिमाचल का है। इस पुल के रिपेयर करने के लिए दोनों राज्य सरकार के मुख्य सचिव की बैठक चंडीगढ़ में हुई और इस पुल के निर्माण के लिए 50-50 फीसदी पैसा जमा करने का फैसला हुआ। हिमाचल सरकार ने मई माह में एक करोड़ 45 लाख जमा करवा दी थी। पंजाब सरकार ने इस कार्य के लिए टैंडर लगाया और इसे रिपेयर करने का कार्य कुमार एंड कंपनी होशियारपुर को दिया गया है।


