आवाज जनादेश /न्यूज ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश में सभी आरटीओ के पास ऑनलाइन चालान की शक्तियां होंगी। इनके लिए व्यवस्थाएं बनाने का काम किया जा रहा है। सडक़ सुरक्षा के तहत पुलिस विभाग के जरिए जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम चल रहा है। लगभग सभी शहरी क्षेत्रों में इस तरह के कैमरे लगा दिए गए हंै और इनका कंट्रोल पुलिस के साथ-साथ आरटीओ के पास भी रखने की तैयारी की जा रही है। जब आरटीओ के पास इसका कंट्रोल होगा, तो वह नियमों की अवहेलना पर वहीं से ऑनलाइन चालान कर सकेंगे। सूत्रों के अनुसार शिमला से इसकी शुरुआत की जा रही है। यहां पर लगभग सभी स्थानों पर सडक़ सुरक्षा सेल के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। यहां पर बसों के हरेक स्टॉपेज पर इस तरह के कैमरे लगाए गए हैं, जिनका कंट्रोल अब पुलिस विभाग के साथ आरटीओ के पास भी रहेगा।
इसी तरह से शिमला से बाहर दूसरे जिलों में भी इस तरह की व्यवस्था की जाएगी। इस संबंध में जल्दी ही आरटीओ को भी निर्देश जारी किए जाएंगे। एक बैठक जल्दी ही होने वाली है, जिसमें सभी आरटीओ से इस संबंध में बातचीत होगी। निदेशक परिवहन इस बारे में विस्तार से जानकारी लेंगे और यह पता किया जाएगा कि आखिर किस जिला के किस शहर में कितनीे सीसीटीवी लगाए जा चुके हैं और उनके माध्यम से ऑनलाइन चालान की व्यवस्था कैसे सुदृढ़ हो सकती है। खासकर प्रदेश के उन नाकों पर जो प्रदेश के प्रवेश द्वार हैं और वहां से वाहन अंदर आते व जाते हैं। वहां पर पैनी नजर रखने के लिए सीसीटीवी लगाए जा चुके हैं, जिनको भी निरीक्षण केन्द्र के साथ जोड़ा जाना है। फिलहाल आने वाले समय में यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों की खैर नहीं होगी।
कंट्रोल रूम से कनेक्ट होंगे कैमरे
बताया जाता है कि परिवहन निदेशालय में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। शहर में सडक़ों के किनारे लगे जितने भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं उन्हें परिवहन निदेशालय में बने कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जाएगा। विभाग में बैठे अधिकारी शहर में यातायात गतिविधि पर अपने कार्यालय में बैठकर ही नजर रख सकेंगे। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) शिमला इस प्रोजेक्ट को देख रहे हैं। उन्होंने हाल ही में जिला पुलिस के साथ इसको लेकर चर्चा भी की है। शहर में जितने भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं उनको विभाग के कंट्रोल रूम के साथ कनेक्ट करने को कहा गया है।
बिना सीट बेल्ट-ओवरलोडिंग पर कार्रवाई
यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले बिना सीट बेल्ट, बसों में ओवरलोडिंग, बिना परमिट, विशेष पथकर जमा न करने वाले वाहनों के चालान काटे जाएंगे। आरटीओ शिमला अनिल शर्मा ने बताया कि सडक़ सुरक्षा पर हर साल लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। वाहन चालकों को जागरूक भी किया जा रहा है। सडक़ हादसों का सबसे बड़ा कारण मानवीय भूल रहता है। विभाग के कर्मचारी पूरे शहर में हर वक्त मौजूद नहीं रह सकते।
जल्द शुरू होगा प्रोजेक्ट
अब वाहनों पर सीसीटीवी के माध्यम से नजर रखी जाएगी, ताकि कोई यातायात नियमों की अवहेलना न कर सकें। जल्द ही इस प्रोजेक्ट को शुरू कर दिया जाएगा। वहीं परिवहन निदेशक डीसी नेगी का कहना है कि आरटीओ के साथ बैठक में सभी मसलों पर चर्चा की जाएगी और यातायात नियमों की अवहेलना न हो इसे सुनिश्चित बनाया जाएगा।


