प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी और सरकारी बीएड कॉलेजों में 1,300 सीटें खाली रह गईं
आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी और सरकारी बीएड कॉलेजों में 1,300 सीटें खाली रह गईं हैं। सोमवार और मंगलवार को खाली सीटों को भरने के लिए ऑन स्पॉट ऑफलाइन काउंसलिंग भी संपन्न हो गई। प्रवेश कमेटी के चेयरमैन और विवि के डीएस प्रो. बीके शिवराम, शिक्षा विभाग के चेयरमैन डा. चमन बंगा की मौजूदगी में काउंसलिंग के पहले दिन 178 और दूसरे दिन मंगलवार को सिर्फ 160 सीटें भरी गईं। दो दिन में 338 सीटों के भरे जाने के बावजूद निजी और सरकारी कॉलेजों की 1.300 सीटें अब भी खाली रह गईं हैं। इन सीटों को अब कैसे भरा जाएगा, यह खाली ही रहेगी। इस पर प्रशासन और सरकार को फैसला लेना है।
काउंसलिंग कमेटी जल्द विवि प्रशासन को बीएड की अब तक भरी जा चुकी सीटों और खाली रही सीटों का ब्योरा तैयार कर रिपोर्ट के रूप में विवि प्रशासन को सौंपेगी। इन सीटों के खाली रहने के बाद इस बार भी निजी कॉलेज अब सीटें भरने के लिए विवि प्रशासन और सरकार पर दबाव बनाने के लिए कसरत करेंगे। इसमें प्रवेश के लिए तय बीएड प्रवेश परीक्षा और उसमें सामान्य वर्ग के लिए तय 53 और आरक्षित वर्ग एससी, एसटी और ओबीसी के लिए निर्धारित 45 अंक की शर्त में छूट दिलवाने का फैसला लेने के लिए कसरत शुरू करेंगे।
घटा रुझान : दस हजार ने दी परीक्षा सिर्फ 4,550 ने लिया अब तक प्रवेश
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की सत्र 2024-25 के लिए करवाई गई बीए की प्रवेश परीक्षा में तय 5,850 सीटों के लिए 11,143 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इनमें से 10,003 ने सामान्य श्रेणी में 53 और आरक्षित श्रेणी में 45 अंक लेकर परीक्षा के लिए क्वालिफाई किया था। इनके लिए ही काउंसलिंग की प्रक्रिया करवाई गई। काउंसलिंग के ऑनलाइन और ऑफलाइन पांच राउंड होने जाने के बावजूद दोगुना संख्या में प्रवेश परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों ने प्रवेश लेने में रुचि नहीं दिखाई। इससे जाहिर है कि बीएड को लेकर युवाओं का रुझान कम हुआ है। क्वालिफाई विद्यार्थियों के न आने से यह साफ हो गया है। अभी मैनेजमेंट की कुल सीटों के दस फीसदी सीटों के लिए काउंसलिंग और प्रवेश का शेड्यूल जारी होना है। कॉलेजों की नियमित 1,300 सीटें ही पूरी नहीं भरी हैं तो मैनेजमेंट सीटों के लिए निजी कॉलेजों को छात्र खोज कर लाना मुश्किल हो जाएगा।


