कैबिनेट सब-कमेटी को सौंपी रिपोर्ट में कर्मियों ने मांगा चर्चा को समय, वित्तीय हालत सुधारने को आएंगे सुझाव
आवाज़ जनादेश /न्यूज़ ब्यूरो शिमला
राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड की खस्ता वित्तीय स्थिति में सुधार करने के लिए सरकार ने एक कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया है। इस सब-कमेटी ने बिजली बोर्ड के प्रबंधन के साथ एक बैठक कर ली है, जिसमें बिजली बोर्ड की तरफ से उसकी मौजूदा वित्तीय स्थिति पर रिपोर्ट दी गई है। जो जानकारी बोर्ड प्रबंधन से कैबिनेट सब-कमेटी ने मांगी थी, वह उनको मुहैया करवा दी गई है, जिसके बाद अब आगे कदम उठाए जाएंगे। अभी सब-कमेटी के अध्यक्ष से बिजली बोर्ड के कर्मचारियों व पावर इंजीनियरों ने भी मिलने का समय मांगा है। इनका एक संयुक्त मोर्चा गठित है, जिसने सब-कमेटी से वार्ता को समय मांगा है। जैसे ही उन्हें समय मिलता है, तो वे भी अपने सुझाव उन्हें देंगे, जिससे बोर्ड की हालत को ठीक किया जा सके। सरकार का मकसद है कि बिजली बोर्ड को घाटे से उबारा जाए और ऐसे जो काम पहले किए गए हैं, जिनसे बोर्ड की हालत खराब हो रही है, उनको दुरुस्त किया जा सके। अब बिजली बोर्ड प्रबंधन अपनी ओर से भी सुझाव देगा और पूरे मामले पर सब कमेटी अपनी रिपोर्ट बनाएगी। कुछ और जानकारियां उसने प्रबंधन से बोर्ड के विषय में मांगी है।
इस कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी हैं, जिनके साथ मंत्री यादविंद्र गोमा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिजली बोर्ड का घाटा करोड़ों रुपए का है और उस पर ऋण का भी काफी ज्यादा बोझ है। हालांकि उसकी हालत को सुधारने के लिए कुछ निर्णय प्रदेश सरकार ने लिए हैं, जो महत्त्वपूर्ण साबित होंगे, लेकिन अभी भी कई ऐसे काम हैं, जिनको करने से बोर्ड की हालत सुधर सकती है। इस पर बिजली बोर्ड के कर्मचारियों व अभियंताओं ने मिलकर एक प्रेजेंटेशन बना रखी है, जिस पर यदि कैबिनेट सब-कमेटी के साथ चर्चा होगी, तो अच्छे नतीजे निकल सकते हैं। फिलहाल सब-कमेटी से मिलने का समय मांगा गया है और उस पर अभी तक बुलावा नहीं आया है। अभी सब-कमेटी की एक ही बैठक हुई है।


