‘नाइट ड्यूटी नहीं’ वाले नियम पर ममता सरकार को सुप्रीम फटकार
आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के नए नियमों को लेकर जमकर फटकार लगाई है। इन नए नियमों में कहा गया था कि राज्य द्वारा संचालित अस्पताल महिला डाक्टरों को रात की शिफ्ट में काम देने से बचेंगे। सीजेआई ने पूछा कि आप कैसे कह सकते हैं कि महिलाएं रात में ड्यूटी नहीं कर सकती हैं। यह लिमिट महिला डाक्टरों के लिए ही क्यों है? वह रियायत नहीं मांग रही हैं, बल्कि हर शिफ्ट में काम करने के लिए तैयार हैं। चीफ जस्टिस ने इस बात पर जोर दिया है कि महिलाओं को सुरक्षा देना सरकार का कत्र्तव्य है और वह इससे भाग नहीं सकते हैं। इन नियमों में जल्द से जल्द बदलाव करने के लिए बंगाल सरकार को निर्देश देते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि आप कैसे कह सकते हैं कि महिलाएं रात में काम नहीं कर सकतीं? महिला डाक्टरों पर सीमाएं क्यों लगाई जा रही हैं? उन्हें कोई छूट नहीं चाहिए। महिलाएं किसी भी पाली में काम करने के लिए तैयार हैं। चीफ जस्टिस ने ममता बनर्जी सरकार के वकील कपिल सिब्बल से कहा कि सिब्बल जी, आपको इस पर गौर करना होगा। इसका जवाब यह है कि आपको सुरक्षा देनी होगी। पश्चिम बंगाल को यह नियम बदलने होंगे।
आपका कत्र्तव्य सुरक्षा प्रदान करना है। आप यह नहीं कह सकते कि महिलाएं रात में काम नहीं कर सकतीं। पायलट, सेना सभी रात में काम करते हैं। कोर्ट ने कहा कि महिला डाक्टरों के रात में काम न करने की स्थिति उनके करियर को प्रभावित करेगी। वहीं कपिल सिब्बल ने कहा कि इस सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग रोक देनी चाहिए। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि यह जनहित का मुद्दा है और इसलिए लाइव स्ट्रीमिंग बंद नहीं की जाएगी। अगर किसी को कोई खतरा है तो उसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विकिपीडिया को मृत ट्रेनी डॉक्टर का नाम और तस्वीर हटाने का आदेश दिया है।
ममता ने कोलकाता का पुलिस कमिश्नर बदला
डाक्टरों की बढ़ती मांग और असंतोष के बीच ममता बनर्जी की सरकार ने कोलकाता पुलिस में बड़ा फेरबदल किया है। सरकार ने पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को उनके पद से हटा दिया है और उनकी जगह मनोज कुमार वर्मा को नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। ममता सरकार की तरफ से यह निर्णय तब लिया गया जब आरजी कर अस्पताल में महिला डाक्टर के साथ रेप और फिर हत्या को लेकर कई जूनियर डाक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं।
सीबीआई ने आदालत में पेश की स्टेटस रिपोर्ट
सीबीआई ने कोलकाता के आरजी कर हॉस्पिटल में बलात्कार और हत्या के मामले में मंगलवार को स्टेटस रिपोर्ट पेश की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई की ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में किए गए खुलासे डिस्टर्ब करने वाले हैं। हालांकि सर्वोच्च अदालत ने सीबीआई की ओर से दी गई डिटेल का खुलासा करने से इनकार कर दिया। कोर्ट कहा कि खुलासे से जांच प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी ‘नींद में नहीं सोई हुई’ है और उसे सच्चाई का पता लगाने के लिए समय दिया जाना चाहिए।


