पाक परस्त जमात-ए-इस्लामी से बढ़ाई नजदीकी, पार्टी प्रमुख से मिले राजदूत
आवाज जनादेश /न्यूज ब्यूरो शिमला
पड़ोसी देश बांग्लादेश में हाल ही में हुए राजनीतिक उथल-पुथल के बाद दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक परिदृश्य बदलता नजर आ रहा है। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने जहां पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने के संकेत दिए हैं, वहीं चीन ने अब बांग्लादेश पर डोरे डालना शुरू कर दिए हैं। बांग्लादेश में चीन के राजदूत याओ वेन ने वहां की राजनीतिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी के दफ्तर जाकर पार्टी प्रमुख शफीकुर रहमान से मुलाकात की है। चीन ने भले ही इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया हो, लेकिन यह मुलाकात इस मायने में अहम है, क्योंकि मार्च, 2010 में जमात के खिलाफ युद्ध अपराधों का मुकदमा शुरू होने के बाद पहली बार किसी राजनयिक ने ढाका स्थित जमात-ए-इस्लामी के दफ्तर का दौरा किया है।
पुलिस ने 2011 में जमात का दफ्तर सील कर दिया था, लेकिन इस साल शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए छात्र विद्रोह और हसीना सरकार की बेदखली के बाद इसे फिर से खोल दिया गया है। चीनी राजदूत ने शफीकुर रहमान से मुलाकात के बाद उनकी पार्टी के बांग्लादेश की एक सुव्यवस्थित पार्टी करार दिया है। उन्होंने बांग्लादेश को एक खूबसूरत देश भी करार दिया। वेन ने कहा कि चीन बांग्लादेश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहता है।


