आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला
विधानसभा के मानसून सत्र में नवनिर्वाचित विधायक एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर मंगलवार को पहली बार दिखीं। वह हाल ही में देहरा से उप चुनाव जीतकर आई हैं। सदन में बने गतिरोध की चर्चा में जब भाजपा विधायक सतपाल सती ने मुख्यमंत्री को ये कह दिया कि अब पत्नी के सामने आपको कुछ बोल भी नहीं सकते, नहीं तो ये ही सदन में आना छोड़ देंगी।
इससे पहले तक किसी को याद नहीं था कि कमलेश ठाकुर पहली बार सदन में आई हैं। पहले दिन नवनिर्वाचित विधायकों का परिचय स्पीकर में करवा दिया था, लेकिन रिश्तेदारी में निधन होने की वजह से कमलेश ठाकुर उस दिन नहीं थी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में कमलेश ठाकुर से मुखातिब होते हुए कहा कि सीएम साहब ने सदन में सभी नए सदस्यों का स्वागत किया, लेकिन आपका नहीं किया। ये सुनते ही सदन में हंसी गूंज गई। बाद में स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन की कार्यवाही के दौरान कमलेश ठाकुर का स्वागत किया। इस पर सीएम सुक्खू ने भी त्वरित प्रतिक्रिया दी। सीएम ने कहा कि विपक्ष पत्नी का नाम लेकर उन्हें डराने की कोशिश न करे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने भी मजाक करते हुए पूछा कि क्या आप अपनी धर्मपत्नी से डरते हैं, तो मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि वह सिर्फ यह कह रहे हैं कि उन्हें पत्नी का नाम लेकर डराने की कोशिश न की जाए। कमलेश ठाकुर के साथ उनकी बेटी भी विधानसभा आई थी।


