सरकार ने माना, अफसरों के पास एक से ज्यादा वाहन

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आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो

सदन में एक सवाल के जवाब में सरकार ने माना है कि अधिकारियों को एक वाहन रखने की इजाजत है, मगर अधिकारी अन्य वाहनों का भी प्रयोग कर रहे हैं। नियमों के अनुसार अधिकारी एक से ज्यादा वाहनों का इस्तेमाल कर सकते हैं, मगर यह सिर्फ जरूरत पडऩे पर हो सकता है, परंतु जिन अधिकारियों के पास एक से ज्यादा विभाग हैं, उनके पास उन विभागों के वाहन हैं। सदन में कांग्रेस के ही विधायक केवल सिंह पठानिया ने एक सवाल किया था। इसमें बताया गया कि 118 विभागों, अधीनस्थ विभागों, 13 निगमों, नौ बोर्ड एवं 18 स्वायत्त संस्थानों में 2102 सरकारी वाहन, 80 आउटसोर्स वाहन तथा 229 टैक्सियां हैं। शेष विभागों, निगमों, बोर्ड व स्वायत्त संस्थानों में 100 सरकारी वाहन, 20 आउटसोर्स तथा 10 टैक्सी वाहन हैं।


सीएम की सीख का असर नहीें

एक तरफ मुख्यमंत्री सुक्खू कई बार वाहन छोडक़र पैदल सचिवालय जाते हैं और यह संदेश देने की कोशिश करते हैं कि कम खर्च करना चाहिए, मगर वहीं कई अधिकारी हैं कि सभी विभागों के वाहनों का पूरा इस्तेमाल करते हैं।

गोवंश समस्या के निदान को बनेगी टास्क फोर्स

हिमाचल प्रदेश में बेसहारा पशुओं की समस्या के निदान के लिए सरकार एक राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करेगी। यह टास्क फोर्स स्थानीय समुदाय से परामर्श के बाद गोवंश को समीप के गोसदनों में रखने के लिए सुझाव देगी तथा गोसदनों के निर्माण व रखरखाव से संबंधित सुझाव भी देगी। विधानसभा में विधायक सुरेश कुमार और भुवनेश्वर गौड के एक लिखित सवाल के जवाब में कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने यह जानकारी दी है।

प्रदेश में 82 निजी नशा मुक्ति केंद्र स्थापित

प्रदेश में 82 निजी नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। निजी नशा मुक्ति केंद्रों में तीन लोगों की मौत हुई है। इसमें सोलन, मंडी और हमीरपुर जिला के निजी नशा मुक्ति केंद्रों में मौत के मामले दर्ज किए गए हैं। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन मंगलवार को भोरंज के विधायक सुरेश कुमार द्वारा पूछे गए सवाल के जबाव में बताया कि प्रदेश में 82 निजी नशा मुक्ति केंद्र स्थापित हैं। इन केंद्रों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 के तहत पंजीकरण किया जाता है।

खत्म हो गई एचपीयू-एसपीयू में भर्ती की अवधि

शिमला — हिमाचल के दोनों विश्वविद्यालयों एचपीयू शिमला और एसपीयू मंडी में विज्ञापित आदेशों के अनुसार भर्ती के लिए एक वर्ष की वैद्यता समाप्त हो चुकी है। इसलिए राज्य सरकार नए सिरे से इस पर फैसला लेगी। यह मामला सरकार के विचार अधीन है। धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर के पिछले सवाल के जवाब में इस बार सरकार ने यह जानकारी दी है। लिखित जवाब में कहा गया है कि पिछले 3 वर्षों में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में विभिन्न श्रेणियां के 308 पद भरे गए हैं, जबकि सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में 59 पदों पर भर्ती की गई है। एचपीयू में 30 पदों पर भर्तियां चल रही हैं, जबकि एसपीयू मंडी में 100 पदों की भर्तियां चल रही हैं। राज्य सरकार ने 26 दिसंबर 2022 को आदेश देते हुए इस प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था और अब भर्ती की अवधि लैप्स हो गई है। अब सभी औपचारिकताऐं पूर्ण करने के बाद भर्तियों को लेकर दोबारा विज्ञापन करने का फैसला होगा।

नहीं मिला राजीव गांधी स्टार्टअप योजना का लाभ

प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना में प्रदेश के किसी युवा को अभी तक इस योजना का लाभ नहीं मिला है। योजना शुरू होने के डेढ़ साल से अधिक समय बीतने के बाद भी प्रदेश के युवाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जबाव में बताया गया कि गत वर्ष से 31 जुलाई, 2024 तक राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के तहत किसी भी युवा को लाभान्वित नहीं किया गया है

885 नौकरियां मिलीं, 132 पदों के लिए परीक्षा बाकी

हिमाचल सरकार ने लोक सेवा आयोग की ओर से की जा रही क्लास थ्री की भर्तियों को लेकर विधानसभा में जवाब दिया है। धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने इस बारे में सवाल पूछा था। बताया गया कि 885 क्लास थी के पद लोकसेवा आयोग के माध्यम से भरे गए हैं, जबकि 132 पदों के पांच पोस्ट कोड में परीक्षाएं अभी होनी हैं। अप्वाइंटिंग अथॉरिटी को इन परीक्षाओं की रिकमेंडेशन भी परीक्षा पूरी करने के बाद 31 दिसंबर तक भेज दी जाएगी।

यूजीसी से मान्यता प्राप्त प्रदेश में 25 विश्वविद्यालय

हिमाचल में यूजीसी से मान्यता प्राप्त कुल 25 निजी और सरकारी विश्वविद्यालय चल रहे हैं। इसके साथ ही इन सभी संस्थानों में फीस का निर्धारण, स्टाफ की भर्ती भी इन्हीं नियमों के तहत होती है। शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि इसमें आईएसई से कुल 26, सीबीएसई से 316 स्कूल मान्यता प्राप्त है। नवोदय स्कूलों में फीस का वितरण नवोदय विद्यालय समिति और केंद्रीय विद्यालय में शिक्षा मंत्रालस के अधीन केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा किया जाता है।

इलेक्ट्रिक टैक्सियों की खरीद को 121 ने किया आवेदन

शिमला — राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक टैक्सियों की खरीद के लिए 121 चयनित पात्र आवेदकों द्वारा आवेदन किया गया है। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जबाव में बताया गया कि राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक टैक्सियों की खरीद के लिए 121 पात्र आवेदकों ने आवेदन किया है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में सरकार द्वारा 13 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति 16 अगस्त, 2024 को जारी कर दी गई है। जबाव में बताया कि इस पोर्टल पर विभाग के पास सबसिडी के लिए आवेदकों ने पंजीकरण कर लिया है, जिस पर आगामी कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा जहां तक इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के बारे में परिवहन विभाग द्वारा दी गई जानकारी में बताया कि इसके लिए राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत स्टेज कैरिज रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए कोई भी आवेदन नहीं मांगे गए हैं।

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