शव खोजने से लेकर अंतिम संस्कार तक दिया कांग्रेस ने साथ
प्रदेश के बाढ़ पीड़ितों के लिए केंद्र से मदद लाएं सतपाल सत्ती
आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला
बीती 11 अगस्त को जिला ऊना के लोअर देहलां और भटोली के 4 परिवारों के साथ पंजाब के होशियारपुर जिला के जेजों में हुई बाढ़ त्रासदी को लेकर जिला की सियासत पूरी तरह गर्म हो चुकी है। शुक्रवार को जहां स्थानीय विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने घटना के 12 दिनों बाद भी पीड़ित परिवारों को फौरी राहत के नाम पर कुछ नहीं दिए जाने को लेकर विरोध दर्ज करवाया, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता और पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उनके द्वारा किए गए काम गिनाते हुए विधायक को आड़े हाथ लिया और लाशों पर राजनीति करने का आरोप लगा दिया।
पूर्व विधायक ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रही। यहां तक कि शवों को ढूंढने से लेकर उनका पोस्टमार्टम करवाने और अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं को भी खुद उन्होंने और उनके कार्यकर्ताओं ने कर्तव्यपरायणता के साथ पूरा किया। जहां तक फौरी राहत प्रदान करने की बात है तो इन परिवारों को यह पहले ही बता दिया गया था कि वह अंतिम संस्कार के बाद धर्म शांति तक की सभी प्रक्रियाओं को पूरा करें, सरकार उनके साथ खड़ी है। लेकिन विधायक ने इस मामले को राजनीति से जोड़ते हुए पीड़ित परिवारों के सदस्यों को जबरदस्ती प्रदर्शन के लिए धकेल दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बाढ़ के चलते जो नुकसान हुआ, उसको लेकर तो भाजपा के नेताओं द्वारा केंद्र से कोई राहत नहीं दिलाई गई, लेकिन इस हादसे को लेकर लगातार राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना पंजाब में हुई लिहाजा इसका राहत मैन्युअल भी पंजाब सरकार द्वारा ही दिया जाएगा। इसके लिए पंजाब सरकार के साथ संपर्क किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विधायक इस प्रकार की घटनाओं को राजनीतिक रूप देकर हिमाचल प्रदेश की साफ सुथरी राजनीति को दूषित न करें।


