निर्माणाधीन स्टोन क्रशर में मंत्री की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी का RTI में उल्लेख, नियमों की अनदेखी की हो निष्पक्ष जांच : रविंद्र धीमान

Date:

हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद निर्माण जारी रहने का आरोप, पेयजल योजनाओं और पर्यावरण से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी भाजपा : रविंद्र धीमान

शिमला। पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता रविंद्र धीमान ने प्रदेश सरकार के मंत्री यादविंद्र गोमा पर जयसिंहपुर क्षेत्र के हणोन में निर्माणाधीन स्टोन क्रशर में साझेदारी तथा इसके निर्माण में नियमों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि RTI के माध्यम से सामने आई जानकारी में मंत्री की इस निर्माणाधीन स्टोन क्रशर में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी का उल्लेख होने का दावा किया गया है। ऐसे में पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाई जानी चाहिए।

धीमान ने कहा कि किसी मंत्री अथवा विधायक का ऐसी व्यावसायिक गतिविधि से जुड़ा होना जनप्रतिनिधि की जवाबदेही और हितों के टकराव से संबंधित गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 सहित लागू कानूनी प्रावधानों के संदर्भ में भी इस पूरे मामले की सक्षम स्तर पर जांच होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कंगैहण पुल के समीप बनाए जा रहे इस स्टोन क्रशर में खनन संबंधी नियमों एवं निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि नियमों के तहत पुल के 200 मीटर ऊपरी तथा 300 मीटर निचले हिस्से में क्रशर स्थापित नहीं किया जा सकता, लेकिन संबंधित मामले में इन मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

रविंद्र धीमान ने कहा कि इससे भी गंभीर विषय यह है कि मुश्तरीका जमीन के मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा 9 दिसंबर 2025 को स्टे दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप है। उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय का स्थगन आदेश प्रभावी है तो प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि निर्माण किस आधार पर चल रहा है और इसे रोकने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर बार-बार मामला उठाए जाने के बावजूद संबंधित प्रशासनिक अधिकारी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सत्ता के प्रभाव के कारण नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार मामले से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करे और किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

पूर्व विधायक ने कहा कि प्रस्तावित स्टोन क्रशर से आसपास की पेयजल योजनाओं और पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह सीधे क्षेत्र की जनता के हित और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा विषय है। विकास या व्यवसाय के नाम पर लोगों के पेयजल स्रोतों और पर्यावरण को खतरे में डालने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।

धीमान ने बताया कि उन्होंने पूरे प्रकरण को लेकर राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि संज्ञेय अपराध से संबंधित तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

रविंद्र धीमान ने मंत्री यादविंद्र गोमा पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन जनता के प्रति जवाबदेही हमेशा कायम रहती है। किसी भी राजनीतिक पद पर बैठा व्यक्ति कानून और नियमों से ऊपर नहीं हो सकता।”

उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर की जनता के हितों से जुड़े मामलों में भाजपा पूरी मजबूती से आवाज उठाती रहेगी। नियमों की अनदेखी, पर्यावरण संरक्षण, पेयजल योजनाओं और सार्वजनिक हित से जुड़े सवालों पर पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी।

धीमान ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कर सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएं, ताकि किसी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे और जनता को वास्तविक स्थिति का पता चल सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

युवा पीढ़ी क्यों गांवों को भूलती जा रही

युवा पीढ़ी क्यों गांवों को भूलती जा रही एक दिन...

धर्मपुर की राजनीति से बड़ी खबर नड्डा से मिले रजत ठाकुर

धर्मपुर की राजनीति से बड़ी खबर नड्डा से मिले रजत...

एसजेवीएन वर्ष 2025-26 हेतु राजभाषा शील्ड तृतीय पुरस्कार से सम्मानित

शिमला : 02.09.2026 एसजेवीएन को आज वर्ष 2025-26 के दौरान...