धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 24 जून को प्रस्तावित आंदोलन के चलते प्रदेश भर में बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। यदि आंदोलन के दौरान बसों के पहिए थमते हैं तो इसका सीधा असर हजारों यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर पड़ेगा। धर्मपुर क्षेत्र सहित मंडी जिला के दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
एचआरटीसी कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर कई बार सरकार और निगम प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी कारण कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
कर्मचारी नेताओं सुरेंद्र शर्मा, कमलेश कुमार, राजेश कुमार, विनय कुमार, सुनील कुमार, पवन पलसरा और विनोद कुमार ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वित्तीय लाभ, लंबित देनदारियों का भुगतान, सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान तथा अन्य मांगों को लेकर लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और 24 जून का आंदोलन इसी संघर्ष की कड़ी है।
उधर, यदि बस सेवाएं प्रभावित होती हैं तो धर्मपुर, संधोल, सरकाघाट, मंडी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ेगी। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अस्पतालों में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों को वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था करनी पड़ेगी। निजी वाहनों और टैक्सियों पर निर्भरता बढ़ने से यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि एचआरटीसी बसें उनके लिए जीवन रेखा हैं। कई गांव ऐसे हैं जहां निजी परिवहन की सुविधा सीमित है। ऐसे में बस सेवाएं बंद होने से लोगों के दैनिक कार्य प्रभावित होंगे। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और विद्यार्थियों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन से मांग की है कि कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए ताकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित न हो और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न झेलनी पड़े। वहीं लोग भी अब 24 जून पर नजरें टिकाए हुए हैं कि सरकार और कर्मचारियों के बीच कोई सहमति बनती है या फिर सचमुच एचआरटीसी के पहिए थमने से प्रदेश भर में यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
फिलहाल 24 जून को प्रस्तावित आंदोलन को लेकर कर्मचारियों और यात्रियों दोनों की चिंता बढ़ गई है तथा सभी की निगाहें सरकार और निगम प्रबंधन की आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं।








