नाचन में सियासी महासंग्राम: विकास की उम्मीदों पर भारी पड़ा नारों का शोर

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नाचन का सियासी अखाड़ा: मुख्यमंत्री की मौजूदगी में दिखी भाजपा-कांग्रेस की खींचतान

जैसे ही विधायक विनोद कुमार माइक पर आए, कांग्रेसियों ने ‘भाषण बंद करो’ के नारे लगाकर माहौल गरमा दिया।

आवाज़ जनादेश शिमला/मंडी (विशेष ब्यूरो):
​ नाचन विधानसभा क्षेत्र में आज आयोजित एक जनसभा ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में जारी कड़वाहट और शक्ति प्रदर्शन की नई तस्वीर पेश की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में भाजपा के गढ़ माने जाने वाले नाचन में कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच राजनीतिक रस्साकशी देखने को मिली, जो मंच से लेकर जनसभा के बीच तक स्पष्ट नजर आई।।
सभा में नारे और सियासत की गर्माहट
​मुख्यमंत्री का दौरा वैसे तो विकास कार्यों के शिलान्यास और उद्घाटन के लिए था, लेकिन सभा स्थल पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगाते दिखे। जब भाजपा विधायक विनोद कुमार मंच से अपनी बात रख रहे थे, तो कांग्रेस समर्थकों ने ‘भाषण बंद करो’ के नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया। इन सबके बावजूद, विधायक विनोद कुमार ने संयम बरतते हुए अपना संबोधन जारी रखा। उन्होंने नाचन की समस्याओं को उजागर करने के साथ-साथ भाजपा कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का हवाला दिया और अधूरे कार्यों को पूर्ण करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विकास की बात सुनने का साहस रखना चाहिए।
विधायक का ‘पर्स’ वाला दांव और एक लाख की मांग
विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी सियासी चाल चलते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने जनसभा में मौजूद महिलाओं की ओर इशारा करते हुए कहा:
> “मुख्यमंत्री जी, नाचन की बहनें आज खाली पर्स लेकर आई हैं। मैने अपने क्षेत्र की महिलाओं के लिए 50-50 हजार दिए है,यदि आप सच में मातृशक्ति का सम्मान करना चाहते हैं,तो इनके खातों में एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा करें।”
>
विधायक ने मंच से ताल ठोकते हुए कहा कि उन्होंने अपना नाम शिलान्यास की पट्टिकाओं पर नहीं, बल्कि नाचन की जनता के दिलों पर लिखवाया है। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार के समय शुरू हुए अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए बजट की भी मांग रखी।
विकास की सौगात और आरोपों का दौर
​मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर कई बड़ी घोषणाएं कीं:

​मुख्यमंत्री ने छातर में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने और नाचन के तीन स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित करने की घोषणा। वहीं नैयरचौक मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की तथा सभा में उपस्थित महिला मंडलों को 51-51 हजार रुपये देने का ऐलान।
​मुख्यमंत्री ने भाजपा पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि राज्य को मिलने वाली आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण बंद हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जनहित कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है और पुरानी पेंशन योजना (OPS) कभी बंद नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि चिट्टा तस्करों और भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधायक की मांग पर सीधा जवाब देने के बजाय अपनी शैली में ‘भ्रष्टाचार’ और ‘अव्यवस्था’ पर निशाना साधा। उन्होंने मंच से कड़ा अल्टीमेटम देते हुए सीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी दोषी नहीं बचेगा। उन्होंने कहा,”मेरे पास पूरी लिस्ट तैयार है,अब एक्शन की बारी है।”
* नेरचौक मेडिकल कॉलेज का कायाकल्प: मुख्यमंत्री ने बड़ी सौगात देते हुए रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने दावा किया कि अब नेरचौक में एम्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी,जिससे जिला मंडी के लोगों को चंडीगढ़ या दिल्ली नहीं भागना पड़ेगा।
नाचन की बदलती बिसात
​नाचन विधानसभा क्षेत्र की इस सभा में जो कुछ हुआ, वह केवल विकास की राजनीति नहीं बल्कि आगामी समय के लिए राजनीतिक संकेत भी हैं। एक ओर मुख्यमंत्री का जन-कल्याण और भाजपा पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप, वहीं दूसरी ओर स्थानीय विधायक विनोद कुमार द्वारा मंच से अपने विकास कार्यों को गिनाना और भाजपा के भीतर के विभिन्न गुटों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश—यह सब प्रदेश में बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
​जहां भाजपा के विरोध के बावजूद विधायक का मजबूती से अपनी बात रखना चर्चा का विषय बना, वहीं कांग्रेस की ओर से मुखर विरोध ने साबित कर दिया कि नाचन का सियासी मैदान आने वाले दिनों में और भी गरमाने वाला है। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल विकास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने भाजपा के किले में कांग्रेस की सक्रियता और जमीनी पकड़ को मजबूत करने का एक प्रयास भी दिखाया।

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