हिमाचल जांच ब्यूरो ने 8 अधिकारियों पर केस किया दर्ज, PWD की लापरवाही उजागर oplus_2097152
शिमला: हिमाचल प्रदेश के चौपाल विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की दयनीय स्थिति और उनमें हुए घोर भ्रष्टाचार ने आम जनता का जीवन मुश्किल कर दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की लापरवाही और सुस्त कार्यप्रणाली के कारण लोगों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, और अब सड़कों की दुर्दशा को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। oplus_2097152
भ्रष्टाचार का महाघोटाला
हाल ही में, हिमाचल जांच ब्यूरो ने देहा-खिड़की सड़क मामले में ₹8.5 करोड़ के महाघोटाले का मामला दर्ज किया है, जिसमें 8 अधिकारियों को नामजद किया गया है। यह केवल एक शुरुआत है, क्योंकि यह मामला चौपाल में हुए व्यापक भ्रष्टाचार की एक झलक मात्र है।
oplus_2097152
सड़कों पर बार-बार जाम
चौपाल क्षेत्र में सड़कें अक्सर भूस्खलन और खराब रखरखाव के कारण बंद हो जाती हैं। हाल ही में, नेरवा से चौपाल और चौपाल से चंबी-देहा जाने वाला मुख्य मार्ग रात भर बंद रहा। PWD ने सुबह JCB मशीनों से सड़क को खुलवाया, लेकिन यह घटना दिखाती है कि विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सभी सड़क निर्माण कार्यों की गहनता से जांच की जाए, तो सैंकड़ों करोड़ तक के और भी घोटाले उजागर हो सकते हैं। oplus_2097152
वन विभाग की भूमिका पर सवाल
सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर अंधाधुंध कटाई और देवदार के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। JCB मशीनों से पेड़ों की जड़ों को बेरहमी से उखाड़ा जा रहा है, लेकिन वन विभाग इस अन्यायपूर्ण कृत्य पर आँखें मूंदे हुए है। लोगों का आरोप है कि वन विभाग की खामोशी उसकी मिलीभगत की ओर इशारा करती है। oplus_2097152
चौपाल की जनता अब और सहन करने को तैयार नहीं है। वे इन भ्रष्टाचार के मामलों की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस संकट ने न केवल विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि कैसे सरकारी तंत्र की लापरवाही आम आदमी के जीवन को प्रभावित करती है।