आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
कुल्लू जिला के आनी विधानसभा क्षेत्र के बागासराहन गांव के बिशलेउजोत क्षेत्र में अवैध वन कटाई के मामले ने जोर पकड़ लिया है। दर्जनों हरे देवदार व अन्य बहुमूल्य वृक्षों के गैरकानूनी ढंग से कटने की सूचना सामने आने के बाद न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं, बल्कि इसने क्षेत्रीय पर्यावरणीय संतुलन को भी खतरे में डाल दिया है।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह अवैध कटाई एक संगठित गिरोह द्वारा की जा रही है जिसे कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। कई बार वन विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में गहरा रोष है।इसी बीच आउटर सिराज से विधायक लोकेन्द्र कुमार ने घटनास्थल का संज्ञान लेते हुए गहरी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा, “बिशलेउजोत क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई जंगलों के साथ खुला खिलवाड़ है। यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि हमारी जैव विविधता के लिए भी बड़ा संकट है।”उन्होंने वन विभाग से तत्काल प्रभाव से दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की और चेताया कि यदि जिम्मेदार अधिकारी चुप रहे, तो वे उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे।विधायक ने जनता से भी अपील की कि वे ऐसे कृत्यों के खिलाफ मुखर हों और वन संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें।
ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
डीएफओ डॉ. चमन राव ने कहा कि संबंधित स्थल पर कार्य वन निगम के माध्यम से किया गया था।इस कार्य का टेंडर बाकायदा नियमों के तहत वन निगम को आवंटित किया गया था।उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।


