पुराने नियमों से ही होगी 14 मई तक विज्ञापित पदों पर जॉब ट्रेनी भर्ती

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आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला

हिमाचल प्रदेश में 14 मई 2025 तक जारी नियुक्ति प्रस्ताव, विज्ञापित पदों और अधियाचन पर भर्तियां पुराने नियमों के तहत ही होंगी। इन कर्मचारियों को जॉब ट्रेनी कहा जाएगा लेकिन इन पर नियम पुराने वाले ही लागू होंगे। इन्हें जॉब ट्रेनी के रूप में दो वर्ष पूरे होने पर नियमितीकरण के लिए परीक्षा नहीं देनी होगी। कार्मिक विभाग ने इस बाबत नए निर्देश जारी किए। 20 फरवरी 2025 तक नियुक्त अनुबंध कर्मचारी भी नई भर्ती नीति से बाहर रहेंगे। इन्हें भी पुराने नियमों के तहत ही नियमित किया जाएगा।

सरकार ने नई शुरू योजना का सख्ती से पालन करने को कहा

नई अधिसूचना में हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रुप-ए, बी और सी के पदों पर 14 मई 2025 के बाद की जाने वाली सभी नियुक्तियां और अधियाचन, जॉब ट्रेनी नियुक्ति के तहत करने के निर्देश जारी किए है। सचिव कार्मिक ने नई शुरू की गई योजना का सख्ती से पालन करने को कहा है। मंगलवार को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया कि 14 मई से पहले अनुबंध आधार पर की गई नियुक्ति के प्रस्ताव, विज्ञापित रिक्तियां या भर्ती एजेंसियों के पास लंबित अधियाचन, पूर्व दिशा-निर्देशों के अनुसार जारी रहेंगे। विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे 14 मई के बाद की गई किसी भी नियुक्ति को नए नियमों के अनुरूप संशोधित करें।

जॉब ट्रेनी योजना युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ : डॉ. सिकंदर

प्रदेश भाजपा महामंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की जॉब ट्रेनी योजना प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। यह योजना पूरी तरह भ्रामक है और सरकार के वायदों के उलट है। डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि चुनावों से पहले कांग्रेस ने 5 लाख युवाओं को पक्की सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था लेकिन सत्ता में आते ही उस वायदे को भूलकर अब युवाओं को जॉब ट्रेनी बना दिया गया है। यह योजना युवाओं को स्थायी रोजगार देने की जगह उन्हें पहले ट्रेनी बनाकर दो साल तक काम करवाएगी और फिर दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी।

युवा सरकार के हाथ का खिलौना बनकर रह जाएंगे: सांसद

ऐसे में युवा सरकार के हाथ का खिलौना बनकर रह जाएंगे और यह भी तय नहीं है कि कब पक्की नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले से ही युवा अनुबंध पर भर्ती और अस्थायी नियुक्तियों से परेशान थे। अब नई योजना उनके भविष्य को और ज्यादा अनिश्चित बनाएगी। सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदेश के सांसद आपदा प्रभावितों की आवाज बुलंद करें। इस पर सांसद ने स्पष्ट किया कि हिमाचल के सभी सांसद लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं, मदद दे रहे हैं और अपनी सांसद निधि से भी योगदान कर रहे हैं। आपदा प्रभावितों का मुद्दा संसद के अंदर व बाहर प्रभावी तरीके से उठाया जा रहा है। इसे केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष भी रखा जा रहा है।

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