आर्किटेक्चर के क्षेत्र में हिमाचल की बेटी की बड़ी उपलब्धि
आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के आनी उपमंडल के छोटे से गांव चवाई की बेटी हितैषी गुप्ता ने आर्किटेक्चर के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। हितैषी को हाल ही में मुंबई के प्रतिष्ठित आई.ई.एस. कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के उपरांत एन.एम.ए. बेस्ट थीसिस अवॉर्ड 2024-25 में दूसरा रनर-अप घोषित किया गया है।इस सम्मानजनक उपलब्धि के साथ ही हितैषी ने न केवल अपने माता-पिता और गुरुजनों का सपना साकार किया है, बल्कि आनी जैसी ग्रामीण उपमंडल की बेटियों के लिए प्रेरणा की मिसाल भी पेश की है।
हितैषी के पिता पंकज गुप्ता पेशे से शिक्षक हैं, जबकि माता शालिनी गुप्ता एक कुशल गृहिणी हैं। हितैषी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आनी के हिमालयन मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की। अपनी प्रतिभा और लगन से उन्होंने आई.ई.एस. कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर, मुंबई में दाखिला लेकर वहां भी अपनी पहचान बनाई।अपनी स्नातक शिक्षा के दौरान उन्होंने सोलर डेकाथलॉन इंडिया (2022-23), नासा की 65वीं प्रतियोगिता, और सी.टी.यू.बी.एच. इंडिया चैप्टर के ‘वॉक’ प्रोग्राम (2023-24) में सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अलावा डियूलकथान प्रदर्शनी (2024-25) में भी उन्होंने अपने डिजाइन्स का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
हितैषी सिर्फ आर्किटेक्चर तक ही सीमित नहीं हैं – उन्हें डिजिटल आर्ट, इलस्ट्रेशन, स्केचिंग और पेंटिंग में भी गहरी रुचि है। कॉलेज में वे तकनीकी टीम कोऑर्डिनेटर और सोशल मीडिया हेड जैसे नेतृत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुकी हैं।उनकी इस सफलता पर पूरे परिवार में खुशी की लहर है। उनके पिता पंकज गुप्ता, माता शालिनी, दादी दमयंती गुप्ता, चाचा नीरज गुप्ता, चाची बॉबी गुप्ता, भाई सान्निध्य गुप्ता, परिजनों, गुरुजनों और क्षेत्रवासियों ने गर्व और शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।अब हितैषी अपने सशक्त विजुअलाइज़ेशन कौशल और आधुनिक तकनीकी ज्ञान के साथ आर्किटेक्चर की प्रैक्टिकल दुनिया में अपने अगले सफर के लिए तैयार हैं। उनका यह सफर निश्चित रूप से और भी ऊंचाइयों को छूने वाला है।


