आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2025 के अंत तक जनसंख्या के 75,42,000 पहुंचने के आसार हैं। राज्य में 14 साल में जनसंख्या में 6,77,398 की बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान है। साल के अंत तक पुरुषों की जनसंख्या 38,24,000 और महिलाओं की 37,18,000 पहुंच जाएगी। यह खुलासा जनसंख्या पर राष्ट्रीय आयोग के पॉपुलेशन प्रोजेक्शन आंकड़ों में किया गया है।
राज्य सरकार के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग ने आर्थिक सलाहकार विनोद राणा ने इसकी पुष्टि की है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार हिमाचल प्रदेश की जनसंख्या 68,64,602 थी। इनमें 34.82 लाख पुरुष और 33.83 लाख महिलाएं थीं। वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना अभी पूरी नहीं हो पाई है। कोविड की वजह से यह आगे टलती रही। वर्तमान में जनगणना चली हुई है। 2021 की जनगणना में इसके करीब 73,94,000 रहने का अनुमान है। इनमें 37.50 लाख पुरुष और 36.44 लाख महिलाएं होंगी। साल 2025 के अंत तक यह बढ़कर अनुमानत: 75,42,000 पहुंचेगी।
कब-कब कितनी रही जनसंख्या
1901 1920294
1911 1896444
1921 1928206
1931 2029113
1941 2263245
1951 2385981
1961 2812463
1971 3460434
1981 4280818
1991 5170877
2001 6077900
2011 6864602
2021 अनुमानित 73,94,000
2036 तक 77.85 लाख हो जाएगी हिमाचल की जनसंख्या
हिमाचल प्रदेश की जनसंख्या 2036 तक करीब 77.85 लाख हो जाएगी। इनमें 39.45 पुरुष और 38.40 महिलाएं होने की संभावना है।
कब से मनाया जाता है विश्व जनसंख्या दिवस
विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई, 1989 से मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को जनसंख्या से संबंधित मुद्दों, जैसे परिवार नियोजन, गरीबी, और सतत विकास, के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए चुना, क्योंकि 11 जुलाई, 1987 को विश्व की जनसंख्या 5 अरब तक पहुंची थी।
विश्व जनसंख्या मनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बता दें कि विश्व जनसंख्या दिवस का मुख्य उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या के बारे में लोगों तक जागरूकता फैलाना है और जनसंख्या से जुड़े मामलों पर लोगों का ध्यान केंद्रित करना है। इसमें संसाधनों का सही उपयोग, परिवार नियोजन, स्वास्थ्य और शिक्षा, असमानता, गरीबी, सतत विकास जैसे मुद्दों पर लोगों को जागरूक करना शामिल है।


