आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने कहा कि भाजपा प्रदेश सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं ढूंढ पा रही है। दो साल के कार्यकाल में एक भी नेता पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं। विपक्ष हिमाचल प्रदेश को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सीएम का नाम ऐसे प्रकरण से जोड़ा जा रहा है, जिसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी। अवस्थी बोले कि मुख्यमंत्री का नाम समोसा प्रकरण से जोड़ना विपक्ष की साजिश है। राज्य की स्थायी सरकार को अस्थिर करने का एक और प्रयास किया जा रहा है।
सोमवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में मुख्य संसदीय सचिव अवस्थी ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में जनमंच कार्यक्रम में विपक्ष के लोग छह करोड़ रुपये के फुल्के(चपाती) खा गए। यह मामला विधानसभा में उठ चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा को खुद इस प्रकरण की जांच करनी चाहिए। वर्तमान सरकार हर उस मामले की जांच को प्रतिबद्ध है, जिसमें भ्रष्टाचार रहा हो। अवस्थी ने कहा कि विपक्ष की भी सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। दो वर्ष में व्यवस्था परिवर्तन से शुरुआत कर सीएम सुखविंद्र सिंह सरकार ने कई महत्वपूर्ण काम किए हैं। विपक्ष की गलत भूमिका से हिमाचल को लोकतांत्रिक आघात पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता वे दिन याद करें, जब उन्होंने कर्मचारियों को इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने की बात की। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अभी-अभी भगवा चोला पहना, वे भी इसे तूल दे रहे हैं। उन्होंने पहले अपना वजूद कांग्रेस में बनाया, अब भाजपा में हैं। उन्होंने कहा कि जिनके अपने घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते हैं। गुटों में बंटी भाजपा जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। इसमें कभी भी सफल नहीं होगी। कांग्रेस ने दस में से पांच गारंटी पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि इनके समय में जांच होनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री से नाम जोड़ना एक घटिया मानसिकता है।


