आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम की उठ रही मांग के बीच यूक्रेन के राजदूत ने भारत के सामने बड़ी शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में अपनी परमानेंट सीट चाहता है, तो उसे यूक्रेन में रूस के युद्ध को खत्म करने में ज्यादा मेहनत करनी चाहिए। नई दिल्ली में यूक्रेनी राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने कहा कि यू्क्रेन चाहता है कि भारत दोनों युद्धरत देशों के बीच बातचीत में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाए, उसे सिर्फ संदेशवाहक बनकर सीमित नहीं रहना चाहिए||
इसके लिए भारत को रूस से अपने पुराने और घनिष्ठ संबंधों का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे पहले एस जयशंकर ने जर्मनी में वार्षिक सम्मेलन के दौरान जोर देते हुए कहा था कि रूस और यूक्रेन को बात करनी ही होगी और अगर वे चाहते हैं तो भारत सलाह देने को तैयार है। भारत में यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने कहा कि यूक्रेन चाहता है कि भारत दोनों युद्धरत देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाए और मॉस्को को शांति वार्ता में शामिल होने के लिए मनाने के लिए रूस के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल करे।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने भारत को नवंबर, 2024 से पहले एक शांति शिखर सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है, जिसका उद्देश्य संघर्ष को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि अभी तक स्पष्ट नहीं है कि भारत हमारे प्रस्ताव पर सहमत है भी या नहीं। पोलिशचुक ने कहा कि अगर भारत अपने हितों की पूर्ति के लिए संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट चाहिए तो उसे रूस से बातचीत में ज्यादा ऐक्टिव होना चाहिए।


