2810 मिलियन यूनिट बिजली के साथ 975 करोड़ का राजस्व कमाया
सात वर्ष के कार्यकाल में हासिल की बड़ी उपलब्धि
आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
सरकार के उपक्रम प्रदेश पावर निगम के प्रतिष्ठित 100 मेगावाट के सैंज हाइड्रो प्रोजेक्ट ने देश की नवरत्न पावर कंपनियों को पछाड़ कर राज्य सरकार के सीने पर तमगा जड़ दिया है। सैंज में बहने वाली पिन पार्वती नदी से प्रोजेक्ट ने 2810 मिलियन यूनिट बिजली के साथ 975 करोड़ रुपए की कमाई की है। लिहाजा पावर निगम के इस प्रोजेक्ट ने जहां प्रदेश सरकार का खजाना भर लिया है, वहीं प्रदेश सरकार इसे भविष्य के लिए शुभ संकेत मान रही है। प्रदेश पावर निगम के मुख्यालय शिमला से मिली जानकारी के अनुसार सैंज हाइड्रो प्रोजेक्ट की बिजली ने 975 करोड़ की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। कर्ज के तले दबे राज्य की आर्थिकी को किसी संजीवनी की तलाश है, ऐसे में 100 मेगावाट का सैंज प्रोजेक्ट राज्य की आर्थिकी का प्रमुख प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
प्रदेश पावर निगम के इस प्रोजेक्ट ने सात वर्ष के कार्यकाल में अपने नाम पर बेमिसाल उपलब्धि हासिल की है, जहां तक सैंज हाइड्रो प्रोजेक्ट का ताल्लुक है, इसने वर्ष 2017 में बिजली उत्पादन करना आरंभ कर दिया, जबकि इससे 307 मिलियन यूनिट बिजली प्रतिवर्ष उत्पादित होगी और सरकार को सालाना 154 करोड का राजस्व प्राप्त होगा। इस प्रोजेक्ट ने 975 करोड़ रुपए का राजस्व कमाया है। पावर निगम द्वारा बनाए इस हाइड्रो प्रोजेक्ट के राजस्व से ऊर्जा सेक्टर राज्य की आमदनी में भारी इजाफा होने का अनुमान है। सैंज हाइड्रो प्रोजेक्ट के उपमहाप्रबंधक, विद्युत इंद्र शर्मा ने बताया कि हर मौसम में सैंज प्रोजेक्ट के कैचमेंट एरिया में बारिश से नदी में पानी की आवश्य्कता है |


