विधानसभा में आर्थिक स्थिति पर मंथन, सत्तापक्ष-विपक्ष ने एक-दूसरे को ठहराया दोषी

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सत्तापक्ष-विपक्ष ने एक-दूसरे को ठहराया दोषी; भवानी बोले, हम सीएम के साथ खड़े

आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला

कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश की जनता और कांग्रेस के सभी विधायक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। मुख्यमंत्री की नीतियों और उनकी स्वच्छ छवि को जनता ने पसंद किया है, तभी उपचुनाव में जनता ने कांग्रेस का साथ दिया है। प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर चर्चा शुरू करते हुए विधायक भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि आर्थिक स्थिति को लेकर लगातार सनसनी फैलाई जा रही है। हिमाचल एक वेलफेयर स्टेट है, जिसमें आम जनता को आधारभूत सुविधाएं देने के लिए सालों से प्रयास होते रहे हैं।

यहां तक कि मुफ्त की योजनाएं भी दी गईं, जिसमें पूर्व सरकार ने बिजली भी फ्री की। विडंबना यह है कि आज तक सब कुछ करने के बावजूद कोई भी सरकार यहां पर रिपीट नहीं हो सकी है।

मुफ्त तो दिया, पर सत्ता नहीं मिली

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सबसे अधिक देनदारी पूर्व सरकार ने छोड़ी है, जिसमें बड़ी मात्रा में लोन लिया। वापस सत्ता हासिल करने के लिए पूर्व सरकार ने कई बड़े काम किए। यहां पर आखिरी समय में इतने सारे संस्थान खोल दिए, लोगों को मुफ्त बिजली दे दी, पानी दे दिया, मगर उसके बाद भी इनको सत्ता हासिल नहीं हुई। पूर्व सरकार ने वैट कम किया था, जिससे 500 से 600 करोड रुपए का नुकसान हुआ।

तो क्या… बच्चे का नाम ऋणी राम

विपिन परमार ने कहा कि 18 महीने में 22 हजार करोड़ रुपए लोन लिया गया है, यानि हर हिमाचली पर एक लाख 17 हजार रुपए का लोन है। अब जो बच्चा पैदा होगा, उसका नाम धनी राम की तरह ही ऋणी राम रखा जाएगा। जनता को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही थी, उसे सरकार ने बंद कर दिया गया। सरकार खुद के कल्याण में लगी है जनता का कल्याण नहीं दिख रहा। सरकार द्वारा जनकल्याण की कई योजनाओं को बंद कर दिया गया।

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