आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला
भारत एवं ब्रुनेई दारुस्सलाम ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को उन्नत साझीदारी के स्तर तक ले जाने के इरादे के साथ रक्षा, व्यापार और निवेश, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण, संस्कृति के साथ-साथ लोगों से लोगों के आदान-प्रदान तथा नई और उभरती प्रौद्योगिकियों और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने के लिए सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यहां ब्रुनेई की राजधानी बंदर सेरी बेगवान के इस्ताना नुरुल ईमान में ब्रुनेई के सुल्तान हाजी हसनल बोलकिया के साथ बैठक में ये विचार विमर्श हुआ। इससे पहले पीएम मोदी के सुल्तान के महल में पहुंचने पर सुल्तान ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने सुल्तान को उनके निमंत्रण के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि किसी भारतीय शासनाध्यक्ष की ब्रुनेई की पहली द्विपक्षीय यात्रा हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की भारत की गहरी इच्छा को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उनकी यात्रा भारत की विगत 10 वर्षों से चली आ रही ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को ध्यान में रख कर आयोजित की गई है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को उन्नत साझीदारी तक ले जाने का स्वागत किया। नेताओं ने रक्षा, व्यापार और निवेश, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण, संस्कृति के साथ-साथ लोगों से लोगों के आदान-प्रदान सहित कई विषयों पर बातचीत की। वे आईसीटी, फिनटेक, साइबर सुरक्षा, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग का पता लगाने और आगे बढ़ाने पर सहमत हुए।
प्रधानमंत्री और सुल्तान ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की और राज्यों से इसे अस्वीकार करने का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझीदारी को और मजबूत करने के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी क्षेत्रों में मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सुल्तान ने जलवायु परिवर्तन के लिए आसियान केंद्र की मेजबानी में ब्रुनेई दारुस्सलाम के प्रयासों के लिए भारत के समर्थन की भी सराहना की।
दोनों नेता विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ब्रुनेई के परिवहन और सूचना संचार मंत्री पेंगिरन दातो शम्हारी पेंगिरन दातो मुस्तफा द्वारा सैटेलाइट और प्रक्षेपणयानों के लिए टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और टेलीकमांड स्टेशन के संचालन में सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान के गवाह बने। उन्होंने बंदर सेरी बेगवान और चेन्नई के बीच सीधी उड़ान कनेक्शन की आगामी शुरुआत का स्वागत किया। बैठक के बाद एक संयुक्त वक्तव्य भी जारी किया गया। सुल्तान ने प्रधान मंत्री के सम्मान में एक आधिकारिक दोपहर के भोज का आयोजन किया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच आज की चर्चा से भारत-ब्रुनेई द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। प्रधानमंत्री ने ब्रुनेई के सुल्तान को भारत आने के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और हिन्द प्रशांत को लेकर भारत के विज़न को बल देगी।


