नीणू-ज्येष्ठा क्षेत्र में माफिया के हौसले बुलंद,विभाग की नाक के नीचे खोदे जा रहे पहाड़
आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला
जिला कुल्लू की गड़सा घाटी के नीणू-ज्येष्ठा क्षेत्र में बड़े स्तर पर अवैध खनन करने का मामला सामने आया है। यहां पर विभाग की नाक के नीचे हो रहे इस अवैध खनन का खुलासा घाटी में बन रही एक सडक़ निर्माण के दौरान पैदा हुए विवाद ने किया है। लिहाजा, अब वन विभाग ने इसमें शामिल लोगों पर शिकंजा कस दिया है। जानकारी के अनुसार विभाग ने मौके पर अवैध खनन से निकाले गए गड़सा स्टोन व खनन के लिए इस्तेमाल किए सामान को जब्त कर लिया है, तो साथ ही खनन में संलिप्त तमाम लोगों के खिलाफ विभाग ने एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब इसमें संलिप्त लोगों के साथ यहां के वन रक्षक से भी पूछताछ होने वाली है और लंबे समय से चल रहे इस खनन की खबर न लेने पर वन रक्षक पर भी गाज गिर सकती है।
यहां पर अवैध खनन करने वालों ने पहाड़ को खोद कर कई सुरंगें बनाई हैं और बताया जा रहा है कि इन सुरंगों की लंबाई 50 से 80 मीटर तक है। जानकारी के अनुसार इन सुरंगों के भीतर अवैध खननकारी ब्लास्टिंग करते हैं और धमाकों से पूरा पहाड़ हिल रहा है और नीचे बसे गांवों को भी खतरा है। अवैध खनन करने वालों ने अब अवैध तरीके से तक कई टन गड़सा स्टोन निकाल कर बेच दिया और करोड़ों रुपए कमाए। इस स्टोन की एक जीप की कीमत 50 हजार रुपए से भी अधिक है। ज्येष्ठा पंचायत के पूर्व प्रधान किशन नेगी व ग्रामीणों ने अवैध खनन करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कर्रवाई मांगी है।
घाटी में सडक़ विवाद ने खोली अवैध खनन की पोल
घाटी में हो रहे इस अवैध खनन की पोल यहां पर बन रही एक सडक़ निर्माण के विवाद ने तीन दिन पहले खोली। दरअसल, अवैध खनन में संलिप्त कुछ लोग यहां से बन रही सडक़ का काम रोकने लगे तो इस दौरान ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खूब हो-हल्ला हो गया। इस दौरान यहां पर अवैध खनन और यहां पर बनी सुरंग का पता विभाग और ग्रामीणों को चला। इसके बाद विभाग ने इस पर एक्शन आरंभ कर दिया। पार्वती वन मंडल के डीएफओ प्रवीण ठाकुर का कहना है कि खनन में संलिप्त तमाम लोगों के खिलाफ विभाग ने एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और सख्त कार्रवई अमल में लाई जाएगी।


