आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला
विधानसभा सचिवालय में मंगलवार से मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है। विधानसभा सचिवालय में बीते बजट सत्र के दौरान राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद हुए घमासान के बाद इस बार विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। विधानसभा में पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में हथियार लेकर आने पर पूर्णतया पांबदी लगाई गई है। वहीं, वाहनों को कैनडी चौक पर स्क्रीनिंग के बाद ही अंदर जाने दिया जाएगा। किसी भी केंद्रीय बल, सुरक्षा कर्मियों को भी हथियारों के साथ विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस बार विधानसभा के मानसून सत्र में सुरक्षा कर्मी और वाहन चालक भी विधानसभा के बाहर गाडिय़ों में ही रहेंगे। बजट सत्र के दौरान राज्यसभा चुनाव में विधानसभा परिसर में क्रॉस वोटिंग के बाद सीआरपीएफ के जवान विधानसभा में पहुंचे थे। इसके बाद अब मानसून सत्र के लिए विधानसभा परिसर दौरान पूरी तरह से सील किया गया है।
किसी को नहीं मिलेगा प्रवेश
नियम 140 के तहत इस बार किसी भी शस्त्रधारी को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। सत्र के दौरान बिना पास तथा स्क्रीनिंग के कोई भी परिसर में प्रवेश नहीं कर पाएगा। 27 से नौ सितंबर तक शिमला शहर में पुलिस का पहरा रहेगा। विधानसभा के दस गेट और तीन मुख्य गेट पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा रहेगी। पुलिस की टीमें सीसीटीवी और ड्रोन से भी हर गतिविधि पर नजर रखेंगी। सभी गेटों पर मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे।
सुरक्षा में 426 जवान तैनात
मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर वीआईपी गेट नंबर एक, दो और तीन पर दो-दो विशेष कमांडो तैनात किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों सहित करीब 626 जवान तैनात किए गए हैं। विधानसभा सत्र के दौरान सीआईडी की टीमें सादे कपड़ों में तैनात की जाएंगी। विधानसभा सत्र के कमांडों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा स्टेट सीआईडी और विजिलेंस के अधिकारी और जवान सादे कपड़ों में तैनात रहेंगे।
एसपी ने खुद संभाला मोर्चा
एसपी शिमला संजीव गांधी ने भी पुलिस अधिकारियों के साथ विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सचिवालय में मानसून सत्र को लेकर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। एसपी संजीव गांधी का कहना है कि विधानसभा सचिवालय में मानसून सत्र को लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान किसी भी शस्त्रधारी को विधानसभा में प्रवेश नहीं मिलेगा।


