हिमाचल प्रदेश : मुख्यमंत्री की मंजूरी को भेजी जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति देने की फाइल, स्टेशन अलॉट करने पर फंसा पेच

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बैचवाइज आधार पर नियुक्त नवनियुक्त शिक्षकों को स्टेशन अलॉट करने को लेकर पेच फंसा है।

आवाज़ जनादेश/शिमला

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति देने की फाइल मुख्यमंत्री की मंजूरी को भेजी गई है। बैचवाइज आधार पर नियुक्त नवनियुक्त शिक्षकों को स्टेशन अलॉट करने को लेकर पेच फंसा है। 1161 नए शिक्षकों को आवंटित किए गए स्कूल बदलकर मंजूरी के लिए फाइल भेजी गई है। मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलने के बाद ही अब स्कूलों में जेबीटी शिक्षकों को नियुक्तियां दी जाएंगी। प्रदेश में पांच विद्यार्थियों की संख्या वाले करीब 700 स्कूल मर्ज किए जाने हैं। कुछ जिलों में बैचवाइज आधार पर चुने शिक्षकों की सूची जारी हो चुकी है। इन सूचियों में ऐसे स्कूलों में भी जेबीटी शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी गई हैं, जिन्हें आने वाले दिनों में विद्यार्थियों की कम संख्या के चलते मर्ज किया जाना है।

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति देने की फाइल मुख्यमंत्री की मंजूरी को भेजी गई है। बैचवाइज आधार पर नियुक्त नवनियुक्त शिक्षकों को स्टेशन अलॉट करने को लेकर पेच फंसा है। 1161 नए शिक्षकों को आवंटित किए गए स्कूल बदलकर मंजूरी के लिए फाइल भेजी गई है। मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलने के बाद ही अब स्कूलों में जेबीटी शिक्षकों को नियुक्तियां दी जाएंगी। प्रदेश में पांच विद्यार्थियों की संख्या वाले करीब 700 स्कूल मर्ज किए जाने हैं। कुछ जिलों में बैचवाइज आधार पर चुने शिक्षकों की सूची जारी हो चुकी है। इन सूचियों में ऐसे स्कूलों में भी जेबीटी शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी गई हैं, जिन्हें आने वाले दिनों में विद्यार्थियों की कम संख्या के चलते मर्ज किया जाना है।

होमस्टे के नियमों में बदलाव को कैबिनेट बैठक में मिलेगी मंजूरी

शिमला। होमस्टे नियम-2024 के मसौदे को 25 जुलाई को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिलेगी। सोमवार को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में होमस्टे नियमों में बदलाव को लेकर बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह ने की। बैठक में अवैध रूप से प्रदेश में चल रहे होमस्टे पर कार्रवाई करने को लेकर चर्चा की गई। इसके अलावा लीज पर चल रहे होमस्टे का लाइसेंस रद्द करने का भी फैसला लिया गया। प्रदेश में 4,146 होमस्टे पंजीकृत हैं। एक हजार से अधिक होमस्टे बिना पंजीकरण के चलाए जा रहे हैं। होमस्टे संचालन के लिए पंजीकरण अनिवार्य है।

पंजीकरण के बाद लाइसेंस की अवधि पांच साल से घटाकर दो साल करने की योजना है। हिमाचल के लोग ही होमस्टे का संचालन कर सकेंगे। पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क में बढ़ोतरी का भी प्रस्ताव है। होमस्टे के साथ बैड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों को भी पर्यटन विभाग की कार्रवाई के दायरे में लाने का भी प्रस्ताव है। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रघुवीर सिंह बाली के अलावा पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की निदेशक मानसी सहाय ठाकुर उपस्थित रहीं। 

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