जालंधर–मंडी–अटारी वाया धर्मपुर–कोटली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोगों की बढ़ी मुश्किलें, कंपनी की मशीनरी मलबा हटाने में जुटी
धर्मपुर (मंडी)। जालंधर–मंडी–अटारी वाया धर्मपुर–कोटली राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-03) पर मंगलवार सुबह बनोग क्षेत्र में भारी चट्टानें और मलबा गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सुबह करीब आठ बजे हुई इस घटना के बाद से मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और धर्मपुर तथा मंडी की ओर आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि सुबह हुई तेज बारिश के कारण पहाड़ी से अचानक विशाल चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे दोनों ओर से यातायात पूरी तरह रुक गया। सड़क बंद होने के कारण कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी, मरीज तथा अन्य यात्री घंटों तक रास्ते में फंसे रहे। कई लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा, जबकि भारी वाहनों की लंबी कतारें सड़क के दोनों ओर लगी रहीं।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित निर्माण कंपनी की मशीनरी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए तथा जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की सहायता से सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। हालांकि, भारी मात्रा में गिरी चट्टानों के कारण आठ घंटे बीत जाने के बाद भी मार्ग पूरी तरह बहाल नहीं हो सका। प्रशासन और कंपनी के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा जल्द से जल्द यातायात सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों रामलाल, कांता देवी, बबली देवी और श्याम सिंह सहित अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह के समय हुई बारिश के बाद अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें गिरने लगीं, जिससे सड़क पूरी तरह बंद हो गई। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर बरसात के मौसम में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा और आवाजाही दोनों प्रभावित होती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस संवेदनशील क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग भी उठाई।
एसडीएम धर्मपुर जोगिंदर पटियाल ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित कंपनी के अधिकारियों को तत्काल सड़क बहाल करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी की मशीनरी युद्धस्तर पर मलबा हटाने में लगी हुई है और प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जैसे ही सड़क सुरक्षित होगी, यातायात को चरणबद्ध तरीके से बहाल कर दिया जाएगा।
बरसात के मौसम में एनएच-03 पर बार-बार हो रहे भूस्खलन ने एक बार फिर सड़क की सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर स्थायी समाधान की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा दीवारों, रॉक नेट और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जाए, ताकि यात्रियों को बार-बार होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
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