प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथे चरण में सडक़ों के निर्माण हेतु टेंडर प्रक्रिया आदर्श आचार संहिता के हटते ही शुरू कर दी जाएगी।
लोक निर्माण विभाग टेंडर संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटा हुआ है। इस कड़ी में इन दिनों वित्तीय और तकनीकी मूल्याकंन का कार्य चल रहा है। आचार संहिता की अवधि से पहले विभाग इस कार्य को पूरा कर लेगा। योजना के तहत सडक़ों के निमार्ण कार्य आरंभ होने में प्रदेश में थोड़ी देरी हुई है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत राज्य में 294 सडक़ों के निर्माण की मंजूरी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से प्रदान की गई है। केंद्र की तय शर्तो के तहत 72 दिनों की समयावधि में टेंडर प्रक्रिया को पूरा करना होता है।
केंद्र की ओर से मंजूरी मिलने के उपरांत विभाग ने इस दिशा में कार्य आरंभ कर दिया था, लेकिन एनवक्त पर प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की घोषणा के बाद विभाग को भी झटका लगा है। लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथे चरण में प्रदेश में सडक़ों के होने वाले निर्माण कार्यों के लिए टेंडर करने की अनुमति हेतु मामला राज्य चुनाव आयोग को भी भेजा था। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ई. एनपी सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथे चरण में निर्मित होने वाली सडक़ों में कुछ के टेंडर कर लिए गए है, जबकि अन्यों की प्रक्रिया आचार संहिता हटने के तुरंत बाद आरंभ कर दी जाएगी।


