आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में बुधवार और वीरवार को बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 20 जुलाई तक मौसम खराब बना रहने की संभावना है। मंगलवार शाम तक प्रदेश में 199 सड़कें, 68 बिजली ट्रांसफार्मर और 171 जल आपूर्ति योजनाएं ठप रहीं। आपदा की मार झेल रहा जिला मंडी सबसे अधिक प्रभावित है। चंबा के 50 गांवों में बिजली सप्लाई बंद हो गई है। कुल्लू में भूस्खलन से 35 सड़कें बंद होने से आवाजाही ठप है। मंगलवार को राजधानी शिमला में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। कांगड़ा में बादल छाए रहे। मैदानी जिलों में उमस भरी गर्मी से लोगों के खूब पसीने छूट रहे हैं।
प्रदेश में सोमवार रात को हुई बारिश के बाद मंगलवार को मौसम भले ही खुल गया, लेकिन लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। चंबा जिले में 10 ट्रांसफार्मर बंद होने से 50 गांवों में अंधेरा पसरा है। डलहौजी परिक्षेत्र की दो सड़कें भूस्खलन के कारण यातायात के लिए बंद हैं। मंगलवार को भुंतर से हवाई सेवा बहाल रही। ऊना जिले में मंगलवार सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर के समय बूंदाबांदी हुई। हमीरपुर जिले में मंगलवार को दिनभर मौसम साफ रहा।
20 जून से 14 जुलाई तक 105 लोगों की गई जान
इस मानसून सीजन में 20 जून से 14 जुलाई तक राज्य में बादल फटने, बाढ़, भूस्खलन सहित अन्य कारणों से 105 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 184 लोग घायल हुए हैं। अभी भी 35 लोग लापता हैं। 44 लोगों की सड़क हादसे में माैत हुई है। मानसून सीजन में अब तक करीब 1235 कच्चे-पक्के मकानों, दुकानों को क्षति पहुंची है। 798 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 953 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 786 करोड़ रूपए पहुंच चुका है।
क्षेत्र अधिकतम तापमान
ऊना 32.5
बिलासपुर 32.4
कांगड़ा 31.2
हमीरपुर 30.6
मंडी 30.2
नाहन 29.9
चंबा 29.9
धर्मशाला 28.1
सोलन 28.0
मनाली 25.0
शिमला 22.2


