आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकारी काॅलेजों में बीएड भी शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। शुरुआत चायल कोटी काॅलेज से होगी। सीएम ने कहा कि शिमला के कोटी कॉलेज में अगले सत्र बीएड शुरू की जाएगी।कोटी प्रदेश का पहला कॉलेज होगा, जहां पर बीए के साथ बीएड होगी। मुख्यमंत्री ने कोटी में कहा कि सरकारी कॉलेजों में आईटीआई कोर्स शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। कहा कि पूर्व सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिरा है, मगर अब राज्य सरकार सुधार कर रही है और 800 इंस्टीट्यूशन ऑफ एक्सीलेंस बनाने जा रही है।
चलौंठी में मुख्यमंत्री ने भाजपा और पूर्व सीएम जय राम ठाकुर पर तीखे हमले किए। कहा कि जयराम सरकार ने 900 से अधिक संस्थान बिना संसाधन और शिक्षकों के खोल दिए थे। कांग्रेस के सत्ता में आते ही 6,000 शिक्षकों की भर्ती शुरू की है। वहीं, पिछली सरकार के बनाए भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद करके 2,200 करोड़ बचाए हैं। सीएम ने कहा कि जो व्यक्ति समर्थ हैं उन्हें मुफ्त में बिजली और पानी नहीं मिलने चाहिए। शुरुआत मंत्रिमंडल से की जाएगी। हिमाचल भवन अटैच करने पर सीएम ने कहा कि पैसे देने में देरी हुई है लेकिन जल्द इसे निपटाया जाएगा।
ईवीएम पर संदेह तो मतपत्र से हों चुनाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को ईवीएम की अखंडता पर चिंता के कारण मतपत्र से चुनाव कराने चाहिए। उनकी यह टिप्पणी कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर की ओर से चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकी प्रणालियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने के बाद आई है। सुक्खू ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग (ईवीएम) की विश्वसनीयता के बारे में अगर संदेह बना रहता है, तो प्रक्रिया के आसपास किसी भी संदेह को दूर करने के लिए मतपत्र की पारंपरिक पद्धति के माध्यम से चुनाव कराना जरूरी होगा। सुक्खू ने एलन मस्क की टिप्पणियों का भी संदर्भ दिया, जिन्होंने प्रौद्योगिकी के हैक होने की संभावना को स्वीकार किया है।


