नालागढ़ और ऊना में भी सूरज से तैयार होगी बिजली

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सोलर पावर के सात प्रोजेक्ट लगाएगी सरकार, मैदानी इलाकों में होगा 72 मेगावाट विद्युत उत्पादन

आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला

हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार आने वाले दिनों में सोलर पावर के सात प्रोजेक्ट लगाएगी। एक साथ इन परियोजनाओं को लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले समय में कई दूसरे प्रोजेक्ट भी यहां पर लग सकेंगे। सरकार की निर्माण एजेंसी पावर कारपोरेशन के माध्यम से ये परियोजनाएं लगाई जाएंगी, जो कि ऊना और नालागढ़ में होंगी। इनमें कुल 72 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। आने वाले समय में सोलर प्रोजेक्टों से उत्पादित बिजली का उपयोग पीक लोड ऑवर्स में हो सकेगा, जिससे सरकार और बिजली बोर्ड को बड़ा फायदा मिलने वाला है। खासकर सर्दियों के दिनों में जब पड़ोसी राज्यों से यहां के लिए बिजली की खरीद करनी पड़ती है, वह नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि यह 72 मेगावाट से नहीं हो सकेगा, मगर इनके चलने से राहत जरूर मिलेगी।

आने वाले समय में और परियोजनाओं का रास्ता भी प्रशस्त होगा। सूत्रों के अनुसार हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड को सोलर की सात परियोजनाएं मिली हैं। हाल ही में उसने ऊना के पेखुवेला में 32 मेगावाट का एक प्रोजेक्ट लगा दिया है। हालांकि बरसात के दिनों में इसमें कुछ नुकसान हुआ है, मगर इसे भी पावर कारपोरेशन ने रिकॉर्ड समय में तैयार किया था। इसी तरह से अब सात नई परियोजनाओं को भी रिकॉर्ड समय में यानी छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। टेंडर की प्रक्रिया अगले महीने तक पूरी हो जाएगी और काम अवार्ड करके मार्च या अप्रैल तक इनको लगभग तैयार कर लिया जाएगा। इसके लिए पावर कारपोरेशन के पास बजट की भी दिक्कत नहीं है। उसके लिए आने वाले समय में यह प्रोजेक्ट फायदेमंद साबित होने वाले हैं।

यहां लगेंगे पावर प्रोजेक्ट

जिन सात जगहों पर प्रदेश में पावर कारपोरेशन के सोलर प्रोजेक्ट लगने जा रहे हैं, उनमें ऊना व नालागढ़ शामिल हैं। ऊना के गोंदपुर बुल्ला में एक सोलर पावर प्रोजेक्ट 12 मेगावाट क्षमता का लगाने की तैयारी है। इसी तरह से लमलेहरी उपरली में 11 मेगावाट क्षमता का दूसरा प्रोजेक्ट लगेगा। तीसरा प्रोजेक्ट टिहरा खास में लगाया जाना है, जो कि छह मेगावाट क्षमता का होगा। दूसरी तरफ नालागढ़ के दभोटा में नौ मेगावाट की क्षमता की सोलर परियोजना स्थापित की जाएगी। नालागढ़ के बड़ा बसोट में भी एक आठ मेगावाट क्षमता की परियोजना स्थापित होनी है। नालागढ़ के ही माजरा व दभोटा में 13 मेगावाट की परियोजना संयुक्त रूप से स्थापित होगी। नालागढ़ के ही सनेड़ में भी एक 13 मेगावाट क्षमता की परियोजना संभावित है। इस तरह से इन दोनों मैदानी इलाकों में प्रोजेक्ट लगेंगे।

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