शिमला रोपवे की डीपीआर तैयार, बस किराये पर होगा संचालन

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विश्व का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा, 660 ट्राॅली लगेंगी, एक घंटे में छह हजार लोग कर सकेंगे सफर

आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला

तारादेवी से शिमला तक बनने वाले रोपवे के लिए 12.5 करोड़ की डीपीआर बनाई गई है। टेंडर डॉक्यूमेंट भी तैयार कर लिए हैं। इसका संचालन बस किराये पर होगा।अगले साल मार्च माह में प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरवार को प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिमला रोपवे विश्व का दूसरा और देश का सबसे लंबा (14 किलोमीटर) रोपवे होगा। राज्य सरकार ने रोपवे की पर्यावरण मंजूरी के लिए 20 करोड़ जारी कर दिए हैं। कांग्रेस सरकार बनने के बाद शिमला रोपवे की डीपीआर बनाई गई। फॉरेन कंसल्टेंट हायर किया।

मुकेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि डीपीआर भी नहीं बनी थी लेकिन कई लोग सपने में रोपवे बनाकर चले गए। विश्व में इससे बड़ा रोपवे बोलीविया में है। रोपवे में 660 ट्राॅली लगेंगी। एक घंटे में छह हजार लोग यात्रा कर सकेंगे। 13 स्टेशन बनेंगे। तारादेवी से शुरू होकर रोपवे चक्कर, टुटीकंडी, 103 टनल, आईएसबीटी, विक्ट्री टनल, आईजीएमसी, संजाैली, नवबहार और राज्य सचिवालय में स्टेशन बनेंगे। मुकेश ने कहा कि केंद्र ने भी इस प्रोजेक्ट में मदद की है। प्रोजेक्ट का पहला चरण मौजूदा सरकार में पूरा होगा। रोहतांग रोपवे प्रोजेक्ट भी जल्द आकार लेगा। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अगला रोपवे परवाणू-शिमला का होगा। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की लंबाई 39 किलोमीटर होगी। इसमें छह स्टेशन होंगे। रोपवे कारपोरेशन इस पर काम कर रहा है।

1,734 करोड़ रोपवे होंगे खर्च

मुकेश ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता शिमला रोपवे को सफलतापूर्वक शुरू करना है। इस पर करीब 1,734 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रोपवे प्रोजेक्ट के लिए 80 फीसदी राशि एनडीबी बतौर ऋण देगा। 20 फीसदी की राशि प्रदेश सरकार खर्च करेगी। रोपवे का किराया बस का ही होगा। मंदिरों के रोपवे प्रोजेक्टों पर भी काम किया जा रहा है। रोपवे में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। देसी लाइनों पर रोपवे नहीं लगेंगे। विश्वस्तरीय मानकों पर रोपवे लगाए जाएंगे।

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