हाई कोर्ट और ट्रायल कोर्ट में भी कई सालों से फंसे हैं पांच करोड़ केस
2017 में पेपरलेस कोर्ट आने से सिर्फ एक साल मिली थोड़ी राहत
आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला
देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में 82,831 केस पेंडिंग हैं। यह अब तक पेंडिंग केसों की सबसे बड़ी संख्या है। अकेले 27,604 पेंडिंग केस पिछले एक साल के अंदर दर्ज हुए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में 2024 में 38995 नए केस दर्ज किए गए। इनमें से 37,158 केसों का निपटारा हुआ। पिछले 10 साल में आठ बार पेंडिंग केसों की संख्या बढ़ी है। 2015 और 2017 में पेंडिंग केस कम हुए। वहीं हाई कोर्ट में 2014 में कुल 41 लाख पेंडिंग केस थे, जो बढक़र अब 59 लाख पहुंच गए हैं।
पिछले 10 सालों में केवल एक बार पेंडिंग केस कम हुए। ट्रायल कोर्ट में 2014 में 2.6 करोड़ मामले केस पेंडिंग थे ,जो अब 4.5 करोड़ हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2017 में जस्टिस जेएस खेहर ने केस मैनेजमेंट सिस्टम में पेपरलेस कोर्ट का प्रस्ताव दिया। इससे केसों का निपटारा तेजी से हुआ और पेंडिंग केसों की संख्या घटी, हालांकि एक साल बाद पेंडिंग केस फिर बढ़ गए।


