शिक्षा निदेशालय ने गठित की कमेटियां, एक्स्ट्रा ग्रांट के लिए इस बार फार्मेट में बदलाव
आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला
नैक रैंकिंग में अच्छा परफॉर्म करने वाले कालेजों को एक्स्ट्रा ग्रांट देने के लिए इस बार रैंकिंग के फार्मेट में बदलाव किया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए सभी कालेज प्रिंसीपल को रैंकिंग शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसी रैंकिंग के आधार कालेजों को बजट जारी किया जाएगा। इसमें रैकिंग के लिए कमेटियां भी गठित कर दी गई है। 31 दिसंबर तक रैकिंग की प्रक्रिया चलेगी। बीते दिनों नैक एक्रेडेशन को लेकर शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई थी। वर्तमान में राज्य में 134 डिग्री कालेज हैं, जिनमें 1,15,000 छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन सभी कालेजों की स्टेट रैंकिंग क्राइटेरिया के हिसाब से होगी। नैक एक्रीडिटेशन के लिए भी 76 डिग्री कालेजों को तुरंत आवेदन करने के लिए कहा है।
22 डिग्री कालेज ऐसे हैं जिनके पास पहले यह एक्रीडिटेशन थी, लेकिन यह लैप्स हो गई है। नैक पांच साल की अवधि के लिए एक्रीडिटेशन देता है और छह महीने पहले दोबारा से इसके लिए आवेदन करना पड़ता है। बाकी 30 डिग्री कालेज के पास वर्तमान में यह एक्रीडेशन है। इसमें स्टेट, जोनल और कलस्टर स्तर पर कमेटियां बनाई गई है जो कालेजों का निरीक्षण करेगी। स्टेट लेवल कमेटी में उच्च शिक्षा निदेशक को कमेटी का चैयरमैन बनाया गया है।
अंक दिलाएंगे धनराशि
टीचिंग लर्निंग के 140 अंक, स्टूडेंट स्पोर्ट सर्विस के 280 अंक, इन्फ्रास्ट्रचर के 160, इंस्टीटूयशनल मैनेजमेंट के 220, बेस्ट प्रैक्टिस इन्वोशन के 80, फैकल्टी प्रोफाइल रिसर्च के 100 अंक तय किए गए हैं।
मानदंड तय
नए क्राइटेरिया के मुताबिक कालेज का रिजल्ट कैसा है? एनरोलमेंट कैसी है? मैगजीन प्रकाशित होती है या नहीं? कितनी कान्फ्रेंस आयोजित की गई? लाइब्रेरी में कितनी सुविधा छात्रों के लिए है और राज्य सरकार की ओर से दिया गया बजट कितना खर्च किया गया? इत्यादि बिंदुओं के आधार पर यह रैंकिंग होगी। इसके लिए कालेज सैल्फ असेस्टमेंट करेंगे। स्टेट रैंकिंग में ऐसे बिंदु नहीं लिए जाएंगे, जो कालेज प्रिंसीपल के क्षेत्राधिकार से बाहर के हैं।


