धर्मपुर (मंडी)
मिनी सचिवालय धर्मपुर में आयोजित पंचायत प्रतिनिधियों के एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद ने पंचायत प्रतिनिधियों से पुलिस के साथ मिलकर नशे के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दिन-प्रतिदिन नशे की समस्या बढ़ रही है और इसे रोकने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। समाज के हर वर्ग, विशेषकर पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
डीएसपी संजीव सूद ने कहा कि पंचायतें गांव की सबसे निचली और मजबूत लोकतांत्रिक इकाई हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का अपने क्षेत्र के प्रत्येक परिवार और युवा से सीधा संपर्क रहता है। ऐसे में वे नशे की समस्या को शुरुआती स्तर पर पहचानने और युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं की गतिविधियों पर नजर रखें तथा यदि किसी युवक के नशे की ओर बढ़ने की जानकारी मिलती है तो उसे अपराधी समझने के बजाय समय रहते उसके परिवार और संबंधित विभागों के सहयोग से मुख्यधारा में लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि एक युवा को नशे से बचाना केवल एक परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी को बचाना है।
डीएसपी ने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है, लेकिन नशे की मांग को कम करना भी उतना ही आवश्यक है। पंचायतें जागरूकता बैठकों, महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्कूलों और स्थानीय सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक कर सकती हैं।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि गांवों में संदिग्ध गतिविधियों अथवा नशे के कारोबार की सूचना पुलिस तक पहुंचाने में सहयोग करें। सूचना देने वाले लोगों की पहचान को गोपनीय रखने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही नशा तस्करों के नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है।
संजीव सूद ने अभिभावकों से भी बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं की संगत, उनकी दिनचर्या तथा व्यवहार में आने वाले बदलावों पर अभिभावकों को ध्यान देना चाहिए। युवाओं को खेलकूद, शिक्षा, रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें नशे से दूर रखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में ‘नशामुक्त पंचायत’ की दिशा में अभियान शुरू करें और युवाओं को जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करें। पुलिस विभाग पंचायतों को हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
प्रशिक्षण शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों को विभिन्न सामाजिक एवं प्रशासनिक विषयों की जानकारी दी गई। इस दौरान नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास करने तथा युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए पंचायत, पुलिस, प्रशासन, अभिभावकों और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर एसडीएम धर्मपुर जोगिंदर पटियाल, तहसीलदार धर्मपुर प्रवीण शर्मा, बीडीओ धर्मपुर सौरभ ठाकुर, भी विशेष रूप से उपस्थित रहे ।
डीएसपी की अपील — “पुलिस का सहयोग करें, नशे के खिलाफ आवाज उठाएं और अपने क्षेत्र के युवाओं का भविष्य बचाने में पंचायत की जिम्मेदारी निभाएं।”




पंचायतें निभाएं नशा रोकने में अहम भूमिका : डीएसपी संजीव सूद
Date:


