राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में एंटी ड्रग क्लब द्वारा नशा मुक्ति जागरूकता व्याख्यान का आयोजन

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धर्मपुर (मंडी)
राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर, के एंटी ड्रग क्लब द्वारा आज महाविद्यालय परिसर में नशा मुक्ति विषय पर एक प्रभावशाली एवं जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें स्वस्थ, अनुशासित एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर डीएसपी धर्मपुर श्री संजीव सूद मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन महाविद्यालय के उपचार्य प्रो. विवेकानंद शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रमेश चंद ढलारिया द्वारा मुख्य वक्ता अतिथि का स्वागत एवं अभिनंदन करने के साथ हुआ। अपने स्वागत भाषण में प्राचार्य ने कहा कि नशा आज के समय में युवाओं के समक्ष सबसे गंभीर सामाजिक चुनौतियों में से एक है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, सामाजिक जीवन, आर्थिक स्थिति तथा उज्वल भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन के लक्ष्य पर केंद्रित रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता डीएसपी श्री संजीव सूद ने अपने प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान में कहा कि वर्तमान समय में समाज अनेक समस्याओं का सामना कर रहा है, किन्तु उनमें से सबसे गंभीर समस्या नशाखोरी, विशेषकर सिंथेटिक ड्रग्स (चिट्टा) का बढ़ता प्रचलन है। उन्होंने कहा कि इस सामाजिक बुराई का उन्मूलन केवल पुलिस या प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों, समाज तथा युवाओं के सामूहिक सहयोग और सहभागिता की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को विस्तार से समझाया कि किस प्रकार जिज्ञासा, साथियों के दबाव, तनाव या गलत संगति के कारण व्यक्ति धीरे-धीरे नशे की ओर आकर्षित होता है और कुछ ही समय में उसका शरीर तथा मस्तिष्क नशीले पदार्थों के आदी हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि एक बार लत लग जाने के बाद व्यक्ति के लिए इससे बाहर निकलना अत्यंत कठिन हो जाता है। नशे का प्रभाव केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मानसिक संतुलन, निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास, शिक्षा, करियर, पारिवारिक • संबंधों तथा सामाजिक प्रतिष्ठा को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

डीएसपी सूद ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि युवा अपने जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें बुरी संगति से दूर रहकर खेलकूद, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा अन्य रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भाग लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा उसी दिशा में निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र (Rehabilitation Centres) नशे की लत से पीड़ित लोगों को सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने चिट्टा तस्करी के बढ़ते खतरे पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों, विशेषकर ड्रोन के माध्यम से, सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही है, जो युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहें और समाज में जागरूकता फैलाने में सहयोग करें। डीएसपी श्री संजीव सूद ने विद्यार्थियों को 112 आपातकालीन हेल्पलाइन की जानकारी देते हुए कहा कि यदि उनके आसपास कहीं भी नशे के सेवन, तस्करी अथवा इससे संबंधित कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो वे बिना किसी भय के इसकी सूचना पुलिस को दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि नागरिकों द्वारा दी गई सूचनाओं को पूर्ण गोपनीयता के साथ लिया जाता है तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

व्याख्यान के दौरान डीएसपी सूद ने वास्तविक जीवन की अनेक घटनाओं एवं उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कैसे नशे की लत कई प्रतिभाशाली युवाओं के जीवन और करियर को बर्बाद कर देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, अनुशासन बनाए रखने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा समाज के जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण, तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार श्री सुशील शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे ।कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने मुख्य वक्ता से नशा मुक्ति एवं कानून से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डीएसपी श्री संजीव सूद ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। महाविद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई जाएगी।

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