*प्रदेश को बरगलाने के बजाय बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश को अधिक से अधिक “परफॉमेंस ग्रांट” प्राप्त करने का प्रयास करें मुख्यमंत्री, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए बनाए गए प्रावधानों का उठाएं लाभ।*
मंडी : मंडी से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह, उनके मंत्रिमंडल के मंत्री और मित्र मंडल द्वारा विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (विबी-जी रामजी) को लेकर फैलाए जा रहे झूठ का पर्दाफाश हो चुका है। दिहाड़ी में कमी, प्रशासनिक चार्ज में कमी से लेकर हिमाचल को मिलने वाले अनुदान में कमी के सारे दावे बेनकाब हो चुके हैं। इसलिए अब मुख्यमंत्री से आग्रह है कि विबी-जी रामजी को बदनाम करने की बजाय उसके प्रावधानों का लाभ उठाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करें। यदि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना छोड़कर मुख्यमंत्री विबी-जी रामजी की योजनाओं को बेहतरीन ढंग से क्रियान्वित करवाएंगे तो प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाली 20% ग्रांट का लाभ भी हिमाचल प्रदेश को मिलेगा। केंद्र सरकार ने परफॉर्मेंस ग्रांट भी 10% से बढ़ाकर 20% कर दी है। केंद्र सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की कमी नहीं की जा रही है, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन से ही हिमाचल प्रदेश को लाभ होगा, उसके खिलाफ दुष्प्रचार करने से नहीं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि विबी-जी रामजी कानून बनने के दिन से ही कांग्रेस पूरे देश में इसके खिलाफ विभिन्न प्रकार के दुष्प्रचार का अभियान चला रही है। बिना कानून पढ़े, बिना उसके प्रावधानों को समझे, बिना उसके नियमों को जाने, जिस भी नेता के मन में जो आ रहा है, बोले जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्री भी बिना जाने-समझे झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं। सरकार ने दिहाड़ी में कमी का आरोप लगाया, हिमाचल को मिलने वाली ग्रांट में कमी का आरोप लगाया, लेकिन सारे आरोप निराधार निकले। हिमाचल प्रदेश को पहले 9 महीने के लिए 1203 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 300 करोड़ रुपये अधिक है। इसी तरह दिहाड़ी भी मनरेगा से अधिक रही।
यह योजना प्राकृतिक आपदाओं और बदलते मौसम की चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष कार्य करने का प्रावधान करती है। इसके तहत आश्रय स्थल, तटबंध, बाढ़ नियंत्रण संरचनाएं, पुनर्वास कार्य और वनाग्नि प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जा सकती हैं, ताकि गांवों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अधिक सुरक्षित, मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इसलिए राजनीतिक बयानबाजी के बजाय सरकार योजना के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विबी-जी रामजी में सरकार की जवाबदेही, रोजगार की पारदर्शिता, रोजगार के अधिकार, काम के भुगतान और रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी के प्रावधान हैं और भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे खत्म हो रहे हैं। इसी बात से सुक्खू सरकार परेशान है। यह योजना 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देती है। काम करने के इच्छुक हर व्यक्ति को रोजगार देने का प्रावधान है। निर्माण कार्य के खर्च में केंद्र ने अपनी 15% हिस्सेदारी बढ़ाई है। लेकिन सरकार सिर्फ झूठ बोलकर लोगों को गुमराह करते हुए अपना समय काट रही है।


