राज्य में पंचायती राज चुनावों को लेकर प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो चुकी है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतंत्र के इस सबसे बड़े पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस चुनावी माहौल के बीच प्रदेश की कई पंचायतों से एक अलग तस्वीर भी सामने आ रही है। कई गांवों में चुनावी मुकाबले की बजाय आपसी सहमति और सामाजिक एकजुटता को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य में बड़ी संख्या में ऐसी पंचायतें हैं, जहां ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से अपने जनप्रतिनिधियों को चुनने का फैसला लिया है। ऐसे मामलों में उम्मीदवारों के खिलाफ कोई प्रतिद्वंद्वी मैदान में नहीं होने के कारण पंचायतों को निर्विरोध चुना जाएग। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 15 मई को तीन बजे के बाद जिन पंचायतों में केवल एक ही उम्मीदवार शेष रहेगा, वहां संबंधित प्रतिनिधियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। इससे उन पंचायतों में मतदान कराने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनावों की सरगर्मियां अब पूरी तरह गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं।
जहां निर्विरोध चुने जनप्रतिनिधि वहां भी नामांकन भरना जरूरी, राज्य की कई पंचायतों में नहीं होंगे चुनाव
Date:


