सड़कों के पैसे वित्त विभाग और ट्रेजरी में फंस रहे, ग्रामीण विकास मंत्रालय नाराज

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आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला

ग्रामीण सड़कों के लिए आए फंड का प्रवाह रुकने पर केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश समेत छह राज्यों से नाराजगी जताई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव शैलेश कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी मुख्य सचिवों को कड़ी चिट्ठी लिखी है। इसमें दोटूक कहा है कि पीएमजीएसवाई-एमआईएस को राज्य की एकीकृत वित्तीय प्रबंधन और सूचना प्रणाली (आईएफएमआईएस) से जोड़ा जाए। इसे एसएनए स्पर्श योजना में जोड़े जाने को कहा गया है। यह एकीकरण इस वर्ष राज्य में पीएमजीएसवाई कार्यक्रम के तहत निधि प्रवाह के लिए जरूरी होगा।

सचिव शैलेश कुमार सिंह ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, पंजाब और नगालैंड के मुख्य सचिवों को पत्र भेजे हैं। इसमें कहा गया है कि पीएमजीएसवाई-एमआईएस और आईएफएमआईएस खातों का एकीकरण इस वर्ष के फंड प्रवाह के लिए जरूरी है। इस पत्र में लिखा गया है कि भारत सरकार ने सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) में एसएनए स्पर्श को लागू करने के आदेश दिए हैं। एसएनए स्पर्श ढांचे के तहत निर्बाध निधि प्रवाह, व्यय ट्रैकिंग और वास्तविक समय रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए यह एकीकरण जरूरी है।

इसे राज्य की ओर से तत्काल सुनिश्चित करने की जरूरत है। वर्तमान में इस एकीकरण को पूरा करने के लिए सीडैक और राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी की ओर से प्रयास चल रहे हैं। पीएमजीएसवाई के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी यानी राज्य ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी (एसआरआरडीए) के साथ समीक्षा बैठक में यह देखा गया है कि बार-बार अनुवर्ती कार्रवाई और प्रयासों के बावजूद एकीकरण प्रक्रिया को सक्षम करने के लिए राज्य में आईएफएमआईएस टीम से जरूरी सहयोग की प्रतीक्षा है। एसएनए स्पर्श रोलआउट समय-सीमा को पूरा करने की तत्कालिकता और महत्व को देखते हुए वह उनसे व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं।

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