प्रदेश में सात फीसदी से अधिक सल्फर वाले पेट कोक पर रोक, आम लोगों ने 15 दिन में मांगे सुझाव

Date:

आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला

हिमाचल प्रदेश सरकार ने पेट कोक के इस्तेमाल को लेकर अहम फैसला लिया है। अब राज्य में केवल वही पेट कोक ईंधन या कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जा सकेगा जिसकी सल्फर मात्रा शुष्क आधार पर सात फीसदी से अधिक न हो। पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने 12 अक्तूबर 2023 और 28 जनवरी 2025 को जारी अस्थायी रियायतों को रद्द कर दिया है। यह निर्णय उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के पालन में लिया गया है।

अधिसूचना के अनुसार अब 18 अप्रैल 2022 और 1 अप्रैल 2023 को जारी मूल अधिसूचनाएं प्रभाव में रहेंगी और राज्य भर में सख्ती से लागू की जाएंगी। सभी उद्योगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे केवल वही पेट कोक इस्तेमाल करें, जिसकी सल्फर मात्रा सात फीसदी से अधिक न हो। इस गुणवत्ता की पुष्टि भारतीय मानकों के अनुरूप प्रयोगशाला परीक्षण से करनी होगी। राज्य सरकार ने सभी संबंधित उद्योगों को पेट कोक की खरीद और उपयोग से जुड़े रिकॉर्ड संधारित करने और आवश्यकता पड़ने पर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या अन्य प्राधिकृत अधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

अधिसूचना को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सार्वजनिक कर दिया गया है और आम लोगों से 15 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक व्यक्ति अपने विचार लिखित रूप में निदेशक, पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, शिमला को भेज सकते हैं। अधिसूचना की प्रतियां सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजी गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ मनुष्य की पाँच वस्तुएँ साथ जाती हैं?

मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ मनुष्य की पाँच...

हिमाचल में अवैध कब्जे करने वाले 1.60 लाख परिवार नहीं लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव

हिमाचल में अवैध कब्जे करने वाले 1.60 लाख परिवार...

स्वास्थ्य सेवाओं पर सियासत और सिसकती संवेदनाएं

स्वास्थ्य सेवाओं पर सियासत और सिसकती संवेदनाएं राजेश रढाईक प्रधान...