आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
हिमाचल के मंडी स्थित समराहन फल संतति एवं प्रदर्शन केंद्र (पीसीडीओ) में देश का पहला स्वच्छ पौध केंद्र स्थापित होगा। एशियन विकास बैंक की मदद से शुरू किए गए क्लीन प्लांट प्रोग्राम के तहत स्थापित होने वाले पौध केंद्र के लिए शुरुआती सर्वे पूरा हो गया है। केंद्र से हिमाचल के अलावा जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के बागवानों को वायरस रहित उन्नत किस्म के सेब सहित अन्य फलदार पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। केंद्र स्थापित होने के बाद पौधों के लिए अमेरिका और इटली सहित अन्य देशों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। वहीं, बागवानों को आयातित पौधों की तुलना में उच्च गुणवत्ता वाले वायरस मुक्त पौधे 4 गुणा तक सस्ते मिलेंगे और क्वारंटीन की जरूरत भी नहीं होगी।
मौजूदा समय में बागवान प्रति पौधे की औसत कीमत करीब 700 से 800 रुपये चुकाते हैं। स्वच्छ पौध केंद्र स्थापित होने के बाद एक पौधा 150 से 200 रुपये में मिलेगा। अकेले हिमाचल में हर साल करीब एक करोड़ पौधे विदेशों से आयात होते हैं। बागवानी विकास परियोजना के तहत बागवानी विश्वविद्यालय नौणी सोलन में स्थापित वायरस फ्री टेस्टिंग लैब की तर्ज पर स्वच्छ पौध केंद्र में भी हाईटेक लैब स्थापित होगी। इसमें हर पौधे की जांच कर वायरस मुक्त का प्रमाणीकरण भी किया जाएगा।
क्लीन प्लांट प्रोग्राम के तहत देश का पहला स्वच्छ पौध केंद्र स्थापित करने के लिए मंडी स्थित समराहन पीसीडीओ का चयन किया गया है। शुरुआती सर्वे हो गया है। केंद्र स्थापित होने के बाद बागवानों को उन्नत किस्म के वायरस फ्री पौधे 4 गुणा तक सस्ते उपलब्ध करवाए जाएंगे
यह होगा लाभ
कम जगह में लगाए जा सकेंगे अधिक पौधे
सामान्य की तुलना में जल्दी मिलेंगे फल
अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी फलों की गुणवत्ता
वायरस मुक्त होने से बीमारियों का खतरा नहीं
ऑस्ट्रेलिया जाकर हासिल की थी जरूरी जानकारी
स्वच्छ पौध केंद्र स्थापित करने के लिए कृषि मंत्रालय, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, एडीबी के प्रतिनिधियों के साथ बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी सहित 12 सदस्यीय टीम ऑस्ट्रेलिया गई थी। दल ने मेलबर्न और सिडनी के बागवानी विश्वविद्यालय एवं शोध केंद्रों का दौरा कर स्वच्छ पौधा केंद्र स्थापित करने के लिए आवश्यक जानकारी हासिल की थी।


