चैरिटेबल अस्पताल की सेवाएं बहाल होने पर लोगों ने प्रदेश सरकार का जताया आभार
आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला
राधास्वामी चैरिटेबल अस्पताल भोटा की सेवाएं सोमवार से बहाल हो गईं। अस्पताल में सोमवार के दिन करीब 200 मरीजों की ओपीडी हुई। अस्पताल के बंद होने के नोटिस की वजह से सोमवार के दिन ओपीडी में कमी दर्ज हुई। हालांकि आगामी दिनों में ओपीडी पहले की तरह की 400 से 500 मरीज प्रतिदिन पहुंच जाएगी। भोटा चैरिटेबल अस्पताल की सेवाएं बहाल होने पर लोगों ने प्रदेश सरकार का आभार जताया है। बताया जा बता दें कि अस्पताल प्रबंधन की तरफ से अस्पताल को पहली दिसंबर से बंद कर देने के नोटिस लगाए गए थे। ऐसे में अस्पताल का स्टाफ भी यहां से शि ट कर दिया गया था। स्टाफ यहां से सिंकदरपुर चला गया था। वहीं कुछ स्टाफ ब्यास चला गया था। करोड़ों में जीएसटी की अदायगी अस्पताल प्रबंधन को करनी पड़ रही थी, ऐसे में राधास्वामी चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल को कंसर्न सिस्टर के नाम पर करना चाह रहा था। भूमि हस्तांतरण नहीं हो पा रही है जिस कारण अस्पताल को बंद करने का फैसला लिया गया था। अस्पताल के बंद होने के नोटिस देखकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। लोग अस्पताल बंद न होने की मांग कर रहे थे। प्रदेश सरकार से आग्रह किया जा रहा था कि अस्पताल को किसी भी सूरत बंद न होने दिया जाए। लोगों की सुख सुविधाओं का याल रखते हुए प्रदेश सरकार ने लैंड सीडिंग एक्ट में संशोधन का विधेयक लाने की बात कही गई है। ऐसे में अस्पताल की सेवाओं को सुचारू कर दिया गया है। लोगों को अब अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।


