आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
हिमाचल में बदलते मौसम के बीच ऊपरी इलाकों में न्यूनतम तापमान माइनस में होने के कारण नदी-नाले और झीलें जमने लगी हैं। ताबो, कुकुमसेरी के बाद केलांग का न्यूनतम पारा माइनस में पहुंच गया है। वीरवार रात को ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 4.1, कुकुमसेरी में माइनस 2.2 और केलांग में माइनस 0.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में शुक्रवार को हल्के बादल छाए रहे। हालांकि पूर्वानुमान के बावजूद कहीं भी बारिश-बर्फबारी नहीं हुई।
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में तापमान में भारी गिरावट के चलते ग्रांफू से आगे डोहरनी और छोटा दड़ा के आसपास पानी जमने से सड़क पर बर्फ जम रही है। सीमा सड़क संगठन ने सड़क पर पानी जमने से दुर्घटना होने की संभावना जताई है। लिहाजा रात के समय सफर करना जोखिम भरा हो सकता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि 16 नवंबर से कोकसर और लोसर चौकी से ग्रांफू-काजा मार्ग पर वाहनों को चार घंटे के लिए सुबह 11 से शाम 3 बजे तक भेजा जाएगा। उपायुक्त लाहौल-स्पीति राहुल कुमार ने बताया कि 16 नवंबर को मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार जिले में 94 प्रतिशत बर्फबारी के आसार हैं। इसलिए 16 नवंबर से सुबह 11 से 3 बजे तक ही वाहनों को छोड़ा जाएगा। उन्होंने सभी वाहन चालकों को मौसम का मिजाज देखकर ही कुंजम दर्रा से होकर रुख करने की अपील की है।
शनिवार को लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब बने रहने की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों मंडी, बिलासपुर, ऊना और कांगड़ा में शुक्रवार सुबह और शाम को कोहरा पड़ने का सिलसिला जारी रहा। प्रदेश के अधिकतम तापमान में शुक्रवार को कमी दर्ज हुई। धूप खिलने के बावजूद मौसम में ठंडक रही। 21 नवंबर को फिर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव के आसार हैं। शिमला में शुक्रवार सुबह के समय मौसम साफ रहा। दोपहर बाद शहर में बादल छा गए। दोपहर बाद रोहतांग दर्रा सहित लाहौल के कुछ इलाकों में बादल छा गए। कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर में धूप खिली रही।


