अक्तूबर के महीने में प्रदेश बारिश को तरस गया है।अब तक प्रदेश के सात जिलों में बारिश का ग्राफ शून्य से आगे नहीं सरका है। वहीं, प्रदेश में सामान्य से 97 फीसदी कम मेघ बरसे हैं। जानकारी के अनुसार 22 अक्तूबर तक प्रदेश में बारिश का सामान्य आंकड़ा 21.5 एमएम रहता है, जबकि इस बार यह आंकड़ा एक एमएम तक भी नहीं पहुंचा है। अब तक प्रदेश में मात्र 0.7 एमएम बारिश दर्ज की गई है और एक जिला में सबसे अधिक बारिश का आंकड़ा भी दस एमएम को नहीं छू पाया है। जिला बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कुल्लू, शिमला, सिरमौर और सोलन में अंबर से एक बूंद नहीं बरसी है। जिला लाहुल-स्पीति में नाममात्र 0.1 एमएम और जिला किन्नौर में केवल 0.4 एमएम बारिश हुई है। इस माह अब तक सबसे ज्यादा 8.6 एमएम बारिश जिला ऊना में दर्ज की गई है। हालांकि यह आंकड़ा भी सामान्य 16.5 एमएम की तुलना में 48 प्रतिशत कम है।
जिला मंडी में बारिश का ग्राफ 3.4 एमएम रहा है, जो औसत 17.9 एमएम के मुकाबले 81 फीसदी कम है। जिला कांगड़ा में बारिश का आंकड़ा मात्र 1.4 एमएम रहा है, जो सामान्य 24.7 एमएम से 94 प्रतिशत कम है। इस समय तक जिला बिलासपुर में बारिश का सामान्य आंकड़ा 11.5 एमएम, जिला चंबा में 28.9 एमएम, जिला हमीरपुर में 18.9 एमएम, कुल्लू में 20 एमएम, जिला शिमला में 21.5 एमएम, जिला सोलन में 19.1 एमएम और जिला सिरमौर में 27.1 एमएम रहता है, लेकिन इन सात जिलों में अक्तूबर में बिलकुल बारिश नहीं हुई है।
सूखे जैसे बने हालात
प्रदेश में बीते एक माह से बादल न बरसने के चलते सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। सरसों, गेहूं सहित अन्य फसलों की सिंचाई के लिए भी समस्याएं पेश आ रही हैं।


