आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला
प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलों को वर्ष 2023 में काफी नुकसान पहुंचा था। इसके लिए प्रदेश के किसानों को मुआवजा राशि के तौर पर 21 करोड़ 89 लाख रुपए मुहैया करवाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा राशि सीधे किसानों के खाते में डाली जा रही है, जिससे किसानों ने भी राहत की सांस ली है। प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक 16 करोड़ 94 लाख रुपए की राशि भेज दी गई है। जबकि चार करोड़ 95 लाख रुपए की राशि भी जल्द ही किसानों के खाते में डाल दी जाएगी।
किसानों के इन खातों में कुछ त्रुटियां है, जिसकी वजह से यह राशि अभी तक किसानों के खाते में जमा नहीं हो पाई है, जिसे दुरुस्त करने का काम जारी है। हमीरपुर जिला को 10 करोड़, कांगड़ा जिला को पांच करोड़ 54 लाख, ऊना जिला को तीन करोड़ 67 लाख, बिलासपुर जिला को एक करोड़ 87 लाख, सिरमौर जिला को 37 लाख 19 हजार, सोलन जिला को 22 लाख 70 हजार, मंडी जिला को 12 लाख 57 हजार, चंबा जिला को छह लाख 71 हजार और कुल्लू जिला को 65 हजार रुपए मुआवजा दिया है। प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक 16 करोड़ 94 लाख रुपए जमा करवा दिए हैं। जबकि चार करोड़ 95 लाख की राशि भी किसानों के दिए खातों में डाल दी जाएगी। -एचडीएम
किसानों को राहत
हिमाचल प्रदेश कृषि निदेशालय शिमला के संयुक्त निदेशक डा. अतुल डोगरा ने बताया किवर्ष 2023 में खरीफ फसल को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान पर प्रदेश के किसानों को 21 करोड़ 89 लाख रुपए का मुआवजा इस बार मुहैया करवाया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सीधे किसानों के खाते में मुआवजा राशि डाली जा रही है।
72 घंटे के अंदर ऐप पर दें सूचना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान प्राकृतिक आपदा पर फसलों के नुकसान की जानकारी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ऐप पर 72 घंटे के अंदर देना सुनिश्चित करें, ताकि इंशोरेंस कंपनी के प्रतिनिधि समय पर नुकसान का जायजा ले सकें। अगर 72 घंटों के बाद नुकसान की रिपोर्ट कृषि विभाग या फिर इंशोरेंस कंपनी को देता है, तो उन्हें मुआवजा राशि नहीं मिल पाएगी। ऐसे में किसान प्राकृतिक आपदा से फसल को पहुंचे नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द ब्लॉकों के कृषि अधिकारियों या फिर इंशोरेंस कंपनी के टोल फ्री नंबर पर इसकी सूचना दे सकते हैं।


