अनावश्यक कर्मचारी हड़ताल से तबाह हो रहा वर्किंग कल्चर : जयराम

आवाज़ जनादेश/ब्यूरो शिमला :
बजट सत्र के दूसरे दिन प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कर्मचारी आंदोलन पर तल्खी दिखी उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की अनावश्यक हड़ताल से कार्यपद्धति खराब हो रही है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री वीरवार को जब धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कर्मचारियों से जुड़े मसले पर सरकार को घेरने का प्रयास किया । तो मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए यह बात कही कि सरकार ने पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया है। कर्मचारियों को उनके लाभ दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी कर्मचारी आंदोलन नहीं कर रहे हैं बल्कि कुछ कर्मचारी,जो नेता ज्यादा हैं,कर्मचारी कम लगते है वह आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये वही हैं, जिन्हें कांग्रेस व राकेश सिंघा हवा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी अनावश्यक आंदोलनों में भाग न लें। सरकार कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा को लेकर कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि किसी के इशारे पर ऐसा करना प्रदेश हित में नहीं है। ऐसी संस्कृति को बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का काम सरकार की योजनाओं को लागू करना और विकास में सहयोग करना है। कर्मचारी सहजता से अपनी बात रखें और सुझाव दें कि क्या हो सकता है।
सरकार को तय करेगी है,न कि विपक्ष
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष से अपील की कि वे सदन में अपने भाषण के दौरान सत्य बोलें। जयराम ठाकुर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष विधानसभा में बोल रहे हैं, न कि जनसभा में। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की शराब के ठेके नीलाम करने की मांग पर कहा कि प्रदेश में क्या कुछ करना है, यह सरकार तय करेगी है, न कि विपक्ष ।
ढंग से पढ़कर आएं इतिहास विधायक
विधायक विक्रमादित्य सिंह के चर्चा में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सदस्य ने अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय मसलों पर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस भी चुनाव हारी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विधायक इतिहास को ढंग से पढ़ कर आएं।
सदन में अवैध शराब मामला भी छाया ,अग्निहोत्री और मुख्यमंत्री के बीच हुई नोकझोंक

प्रदेश में अवैध शराब मामले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और मुकेश अग्रिहोत्री के बीच नोक-झोंक हुई। इस दौरान दोनों ही नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जिससे सदन में शोर-शराबा भी हुआ। मुख्यमंत्री के ऊना पटाखा फैक्टरी में विस्फोट पर दिए वक्तव्य के बाद हुई चर्चा में अवैध शराब प्रकरण का मामला उठा। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कुछ प्रकरणों का हवाला देते हुए कहा कि इन प्रकरणों में संलिप्त आरोपियों के फोटो मुख्यमंत्री के साथ सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में रंगीलू नाम के शख्स का नाम आ रहा है, जो भाजपा का प्राथमिक सदस्य है, उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जवाब दिया कि यदि रंगीलू ने गलत किया होगा तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा लेकिन इस मामले का किंगपिन कांग्रेस का महासचिव था तथा पार्टी टिकट का दावेदार भी था। अनेक नेताओं ने उसकी दावेदारी को समर्थन भी दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि फोटो किसी के साथ भी खिंचवाए जा सकते हैं, इसलिए किसी की निजता पर हमला करना गलत है।
कार्रवाई कर दिया बड़ा संदेश
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने अवैध शराब मामले में कड़ी कार्रवाई कर बड़ा संदेश दिया है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। सरकार द्वारा इस मामले के आरोपी को मध्य प्रदेश से भी खोजकर लाया गया है।
ऊना शराब कांड में क्यों नहीं हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 1996 में ऊना में अवैध शराब से 10 लोगों की मौत मामले में तत्कालीन सरकार ने क्यों कार्रवाई नहीं की, जबकि वर्तमान सरकार ने शराब कांड में 36 लोगों की गिरफ्तारियां की हैं तथा अभी तक किसी को भी बेल नहीं मिली है।
पूर्व सरकार ने एक्साइज विभाग पर छोड़ा 150 करोड़ का घाटा
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि शराब के ठेकों की नीलामी नहीं की जा रही, जबकि एक्साइज विभाग मुख्यमंत्री के पास है। इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने सत्ता से हटने के बाद एक्साइज विभाग पर 150 करोड़ का घाटा छोड़ा। इसमें पूर्व सरकार द्वारा बनाए एक कार्पोरेशन से 75 लाख रुपए का नुक्सान हुआ है।कार्पोरेशन को सरकार ने रद किया है ठेके की समय सीमा बढ़ाने के साथ साथ रेट भी बढ़ाए गए है। मुख्यमंत्री ने इशारों इशारों में पूर्व सरकार के एक्ससाइज मामलों के जांच की चेतावनी भी दी है।
सदन में गूंजा अवैध पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामला
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि ऊना के बाथड़ी औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में जिम्मेदार किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में सरकार ने मंडलायुक्त जांच के आदेश दे दिए हैं और मंडलायुक्त 7 दिन के भीतर सरकार को मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंप देंगे। यह जानकारी उन्होंने वीरवार को विधानसभा में विशेष वक्तव्य के माध्यम से दी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में बिना किसी अनुमति के विस्फोटक प्रदेश की सीमा के भीतर आ जाना और अवैध पटाखा फैक्टरी चलना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में दोषियों की संपत्ति कुर्क करने की जरूरत पड़ी तो सरकार ऐसा कदम भी उठाएगी। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के पटाखा फैक्टरी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना को रोकने के लिए सरकार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी संजय कुंडू ने डीआईजी धर्मशाला सुमेदा द्विवेदी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। इस केस में विशेष अन्वेषण दल ने फैक्टरी के मैनेजर दीपक कुमार राणा को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने आरोपियों के दो ठिकानों पर दबिश देकर भारी मात्रा में पटाखे बारूद एवं पैकिंग सामग्री बरामद की है। पुलिस द्वारा एक लैपटाप और एक कार को भी कब्जा में लिया गया है। इसके अलावा तीन टीमें संदिग्धों की सीडीआर लोकेशन के आधार पर उनकी गिरफ्तारी हेतु बाहरी क्षेत्रों में भेजी गई है, जो उनके ठिकानों पर लगातार रेड कर रही हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने इस मसले पर कहा कि इन्वेस्टर मीट के दौरान राज्य सरकार के एक संदेश से माफिया अब उद्योग के क्षेत्र में भी घुस आया है। सरकार ने जब उद्योगों को कह दिया कि पहले इंडस्ट्री लगाओ, परमिशन बाद में लो, उससे ऐसे लोग हिमाचल में घुस आए हैं। मुकेश ने एक और सुझाव भी सरकार को दिया कि जब पुलिस की एसआईटी बनाएं तो उस जिला के एसपी या अन्य पुलिस अफसर को उसमें न रखें, जहां क्राइम हुआ हो।


