आवाज़ जनादेश
हिमाचल में बुधवार को बारिश से प्रदेश में कई जगह नुकसान हुआ है। कुल्लू में नग्गर के पास बादल फटने से छाकी नाले में बाढ़ आ गई, जिससे सरकारी और निजी जमीन बह गई, कई पेड़ भी उखड़ गए। चंद्रखणी की तरफ पहाड़ियों में बादल फटने के बाद नाले ने रौद्र रूप धारण कर लिया। उधर प्रदेश में चार एनएच और सौ से ज्यादा सड़कों पर भूस्खलन के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित रही। हिमाचल में गुरुवार और शुक्रवार को भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश में बुधवार को शिमला जोन में 32, मंडी जोन में 44 और कांगड़ा जोन में 25 सड़कें बंद रहीं। एक सितंबर तक पूरे प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। बुधवार को राजधानी शिमला, चंबा, डलहौजी, कांगड़ा और धर्मशाला में बारिश दर्ज हुई। कुल्लू के बाह्य सराज के जलोड़ी दर्रा होकर गुजरने वाले औट-आनी-सैंज हाईवे-305 बुधवार को करीब 11 घंटे बंद रहा और दोपहर बाद धामन बैली ब्रिज की प्लेटें उखड़ने से यातायात बंद कर दिया है।

दोनों तरफ से निगम की बसों के साथ सैकड़ों वाहन फंसे रहे। एनएच ने 27 अगस्त तक पुल से आवाजाही पर रोक लगा दी है। उधर सिरमौर में मंगलवार रात पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे पर कच्ची ढांक के समीप भूस्खलन से करीब आठ घंटे तक यातायात बंद रहा। बुधवार दोपहर को ही मार्ग बहाल हो सका। रेणुका सतौन मार्ग भी पांच घंटे बंद रहा। चंबा में भारी बारिश से भरमौर-पठानकोट एनएच समेत 43 मार्गों पर भूस्खलन से वाहनों के पहिये थम गए। पठानकोट-मंडी एनएच पर बुधवार शाम जोगिंद्रनगर से लगभग चार किमी दूर हराबाग के समीप भूस्खलन से लगभग सवा घंटा यातायात ठप रहा। हमीरपुर में शुक्कर खड्ड के तेज बहाव में टिप्पर फंस गया। चालक को कड़ी मशक्कत से बाहर निकाला


