
आवाज़ जनादेश मंडी
मंडी, 10 अगस्त: पश्चिम हिमालय के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का प्रबन्धन, अवसर एवं चुनौतियां विषय पर तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन शनिवार को राजकीय वल्लभ महाविद्यालय मंडी में किया गया। यह सम्मेलन वल्लभ राजकीय महाविद्यालय, सरदार वल्लभ भाई पटेल संकुल विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान व हिमाचल प्रदेश की विज्ञान व प्रबंधन सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। सम्मेलन में जर्मनी, चीन, यूएई, बंगलादेश, जापान सहित भारत के आचार्य, शोधार्थी व विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविन्द ठाकुर ने कहा हिमालय दुनिया के लिए सबसे युवा पर्वत श्रृंखता व ऑक्सिजन का भंडार है । हिमाचल प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्र 55673 वर्ग किलोमीटर है जिसमें 15100 वर्ग किलोमीटर वन आच्छादित क्षेत्र है। प्रदेश में 66.52 प्रतिशत वन भूमि है। जिसमें 27.12 प्रतिशत भूमि पर वृक्ष हैं यदि इसे हम 37 प्रतिशत तक बढ़ा लेंगे तो प्रदेश पूरे विश्व में सबसे ज्यादा ऑक्सिजन पैदा करने वाला प्रदेश बन जाएगा।
उन्होंने कहा हाल ही में पांच दिवसीय राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दौरान प्रदेश में 25 लाख पौधे रोपित किए गए। पौध रोपण के इस कार्यक्रम में एक लाख 19 हजार लोगों ने भाग लिया। अंतराष्ट्रीय सम्मेलन का मंडी में आयोजित किया जाना एक गौरव की बात है।
इस मौके पर वनमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में देवदार का पौधा भी रोपित किया।
वेबसाईट का शुभारम व स्मारिका विमोचन
वन मंत्री ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की और से अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने वल्लभ राजकीय महाविद्यालय के वनस्पति विभाग की सहायक आर्चाय डॉ0 तारा सेन द्वारा तैयार की गई वेबसाईट का विधिवत शुभारम्भ भी किया। उन्होंने स्मारिका का विमोचन भी किया। सम्मेलन के सफल आयोजन हेतु आयोजन समिति को वन मंत्री ने एक लाख रूपये देने की घोषणा की ।
पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ0 राधा रमण शास्त्री ने विश्व गुरू भारत विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।
जर्मनी की अमरई विलरट ने सहज योग तकनीकी विषय, डॉ0 एस0एस0 सामंत ने भारतीय हिमाचल क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के सम्बन्ध में जैव विविधता सरंक्षण व प्रबन्धन विषय, चीन से आए प्रो0 एम0एस0 सैनीचै ने पर्यावरण अध्ययन में नई तकनीकें विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तु किया।
सरदार वल्लभ भाई पटेल संकुल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 सी0एल0 चन्दन ने कहा प्राकृतिक सांसाधनों के संवर्धन व प्रबन्धन में बहुविषयक व सामान्वियत संकल्पनाओं का क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ0 राकेश शर्मा ने मुख्यतिथि व अन्य विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
सम्मेलन में 300 शोध पत्र किए जाएंगे प्रस्तुत
अंतराष्ट्रीय सम्मेलन के संयोजक सहायक प्रो0 डॉ0 संजीत ठाकुर ने बताया कि सम्मेलन में 300 शोध पत्र विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किए जाएंगे।
इस अवसर पर वनमंत्री की धर्मपत्नी रजनी ठाकुर, भाजपा मण्डलाध्यक्ष रणबीर ठाकुर, अरण्यपाल उपासना, वनमण्डलाधिकारी एस0एस0 कश्यप, कुल सचिव राजीव कुमार, अमेठी विश्वविद्यालय गुडगांव से अतुल ठाकुर, पूर्व प्राचार्य प्रो0 कमल कांत, प्रो0 तुलसी रमण, प्रध्यापक संगठन के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह, अध्यापक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष ललित पठानिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


