आवाज जनादेश,चम्बा ब्यूरो
विशेष न्यायाधीश चंबा राजेश तोमर की अदालत ने सोमवार को चरस तस्करी के मामले के दोषी महिला दिलो राम निवासी गांव मंडाह डाकघर पलूंही और नासिर मोहम्मद निवासी गांव करमूंड डाकघर टिकरीगढ़ तहसील चुराह जिला चंबा को 12 साल का कारावास और एक लाख बीस हजार (प्रत्येक) को जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोनों आरोपियों को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले की पैरवी जिला न्यायवादी विजय रेहलिया ने की।
जानकारी के अनुसार 16 दिसंबर 2016 को एसआईयू की टीम चंबा-तीसा मार्ग पर कोटी पुल के समीप बेही नामक स्थान पर नाकाबंदी पर थी। इस दौरान वाहनों की तलाशी ली जा रही थी। इस दौरान एक मोटरसाइकिल तीसा की तरफ से आया। टीम ने बाइक चालक को रुकने का इशारा किया। इसके बाद चालक ने बाइक रोकी। बाइक पर एक महिला भी सवार थी। इसके बाद टीम ने पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान दोनों घबरा गए।
इसी दौरान महिला आरक्षी ने बाइक पर बैठी महिला के बैग की तलाशी ली। इस दौरान बैग से एक नीले रंग का बैग बरामद किया। बैग से 2 किलो दस ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद अदालत में चालान पेश किया गया। इस मामले में 21 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद दोनों आरोपियों को सोमवार को सजा सुनाई गई।


