
सूर्य इंटरप्राइजेज ने ग्राहक प्रोत्साहन योजना के तहत ग्राहकों को नहीं दी 71 एलईडी
परेशान एजेंटों ने पुलिस में कई शिकायत
चमन शर्मा आनी। प्रदेश में लॉटरी पर प्रतिबंध होने के कारण कुछेक लोगों ने पिछले कुछ सालों से ग्राहक प्रोत्साहन योजना के नाम पर ठगी का धंधा शुरू कर दिया है। शुरू में ये लकी ड्रा के नाम पर लोगों को इनाम बांट देते हैं और जब लोगों को इनकी ईमानदारी पर पूरा विश्वास हो जाता है तो ये अपना बोरिया बिस्तर लपेट कर गायब हो जाते हैं। हालांकि ऐसा बरसों से होता आया है, बावजूद इसके बहुत से नादमझ लोग लगातार इन ठगों की बातों और लालच में आकर ठगेज रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला पुलिस चौकी लुहरी में भी सामने आया है। जहां शिमला जिला के कुमारसैन उपमण्डल के 8 लोगों ने मंडी जिला के करसोग उपमण्डल के चौंरीधार निवासी बुद्धि सिंह पुत्र बंगालु राम के खिलाफ ग्राहक प्रोत्साहन योजना के तहत लाखों की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत पत्र दिया गया है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप करसोग के चौंरी धार के बुद्धि सिंह ने ठगे लोग :
शिकायतकर्ता सुरेश वर्मा, नीटू, सुशील कुमार, सुरेंद्र कुमार, अरुण भारद्वाज विपिन कुमार , परवीन सोनी और दिनेश कुमार का कहना है कि चौंरी धार के बुद्धि सिंह ने उन्हें एक फर्म सूर्या एंटरप्राइज नाम में ग्राहक प्रोत्साहन योजना के तहत बतौर एजेंट बनाया और उन्होंने आगे सैंकड़ों ग्राहक बनाये । जिन में से हरेक ने प्रतिवर्ष 13000 रुपये के कूपन लिए। जिसके बदले लकी ड्रा में उन्हें इनाम मिलना था और योजना समाप्त हो जाने पर सभी को एक एक एलईडी प्रोत्सान के रूप में दी जानी थी। लेकिन एक साल पूरा हो जाने के बाद अब उन सभी एजेंटों के माध्यम से दी जाने वाली करीब 71 एलईडी बुद्धि सिंह द्वारा दिये जाने से पहले ही फर्म का कहीं कोई अतापता नहीं , जबकि सभी लोग उसके घर भी गए। मगर अब वह देने में आना कानी कर रहा है। उनका कहना है की जब उसके घर गए तो उसने इस वर्ष 1 अप्रैल खुद ईकरारनामा बनाकर 3 माह के अंदर सारी बकाया एलईडी देने का वादा किया था। लेकिन अब 6 माह बीत जाने पर ना तो बुद्धि सिंह से सम्पर्क हो पा रहा है ना ही वह फोन उठा रहा है। या वह फोन स्विच ऑफ कर देता है। जिस पर उपरोक्त शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से कानूनी कार्यवाही अमल में लाने की मांग की हैं ।
क्या है ग्राहक प्रोत्साहन योजना :
एक साल की इस योजना के तहत बुद्धि सिंह ने हर ग्राहक से कुल 12 किश्तों में 13 हजार रुपये लिए। जिनमे छठी और 12 वीं किश्त 1500 रुपयों की थी , जबकि बाकी 10 किश्तें एक एक हजार रुपयों की थी। ग्राहक बन जाने के बाद हर माह 9 लक्की ड्रा की पर्चियाँ निकाली जाती थी। जिन्हें इनाम दे दिए जाते थे। और उनको न ही अगली किश्त देनी होती थी ना ही उनका नाम शेष ड्रा में रहता था। 12 महीनों में 108 लोगों के इनाम लक्की ड्रा में निकल जाने के बाद बाकी बचे ग्राहकों को प्रोत्साहन के रूप में एक एक एलईडी का वायदा शर्तों के अनुसार ही किया गया था। 13 हजार रुपयों में एलईडी के लालच में कुमारसैन उपमण्डल के उपरोक्त शिकायतकर्ताओं ने सैंकड़ों ग्राहक भी बना लिए थे। जो अब इस ठगी से जहां तिलमिलाए हैं वहीं परेशान भी हैं।
सचेत संस्था ने किया आगाह :
सामाजिक सुधार और आरटीआई ओर कार्य कर रही सचेत संस्था ने लोगों को आगाह किया है कि ऐसी किसी भी योजना के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई न लुटाएं। ऐसे किसी भी व्यक्ति या कम्पनी द्वारा आपको अगर सम्पर्क किया जा रहा है तो उसकी जानकारी पुलिस को अवश्य दें। साथ ही चेताया है कि बहुत से ऐसे फोन कॉल्स आते हैं जहां आधार नम्बर मांगा जाता या एटीएम ब्लॉक होने या फिर किसी इंश्योरेंस कंपनी के नाम ओर फोन आते हैं, ऐसे किसी भी फ़ोन कॉल्स पर अपनी की भी बैंक पासवर्ड या एटीएम पिन नम्बर या फिर आधार नम्बर सम्बन्धी जानकारी ना दें।
बयान
ऐसी शिकायत लुहरी चौकी में आई है, जिस पर छानबीन की जा रही है।
तेजेन्द्र वर्मा , डीएसपी , आनी


